6 सालों से लंबित जानलेवा फ्लाईओवर! 3 बार बदला डिजाइन, डिप्टी सिग्नल निवासियों पर मंडराया खतरा

Nagpur Flyover: नागपुर के मिनीमातानगर में हुए एक हादसे के बाद यहां का फ्लाईओवर चर्चा का विषय बन गया है। इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जिसके बाद जनता ने आक्रोश व्यक्त किया।
Nagpur Flyover: नागपुर के मिनीमातानगर में हुए एक हादसे के बाद यहां का फ्लाईओवर चर्चा का विषय बन गया है। इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जिसके बाद जनता ने आक्रोश व्यक्त किया।
मिनीमातानगर फ्लाईओवर (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: नागपुर शहर में बड़े पैमाने पर फ्लाईओवर का जाल बिछाया जा रहा है। डिप्टी सिग्नल क्षेत्र में मंगलवार रात गड्ढे में गिरकर हुई युवक की मौत ने इस बात को उजागर कर दिया कि फ्लाईओवर निर्माण के दौरान वाहन चालकों की सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। इसका खामियाजा जनता भुगत रही है। ठेकेदार कंपनी तथा महारेल की ओर से कोई माफी या जिम्मेदारी नहीं लिए जाने से नागरिकों में भारी रोष है।

फ्लाईओवर का काम 6 साल से चल रहा है। 3 बार इसका डिजाइन बदला जा चुका है, इसलिए डिप्टी सिग्नल, मिनीमातानगर, भारतनगर और चिखली से शहर आने वाले नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि अब तक सैकड़ों दुर्घटनाओं में कई लोग घायल हो चुके हैं। शहर में एक के बाद एक बन रहे फ्लाईओवर इस समय अलग-अलग कारणों से चर्चा में हैं।

आरटीओ फ्लाईओवर में देरी, अशोक चौक स्थित फ्लाईओवर का मकान की गैलरी से चिपकना और अब डिप्टी सिग्नल, मिनीमातानगर स्थित फ्लाईओवर पर एक युवक महेंद्र संतकुमार फटिंग (25) की मौत के कारण चर्चा में आ गया है। कार्य के चलते सड़कों पर गड्ढे समेत बारीक दरारें आ गई हैं।

पिलर व्यर्थ, अंडरपास भी अवरुद्ध

सूत्रों ने बताया कि कलमना रोड पर डिप्टी सिग्नल फ्लाईओवर का डिजाइन अब तक तीन बार बदला जा चुका है। शुरुआत में फ्लाईओवर को भारत मातानगर से चिखली की ओर बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए पिलर भी बनाए गए थे लेकिन डिजाइन फिर से बदल दिया गया। नतीजतन पिलर अब अंगद के पैर की तरह खड़े हैं और इससे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। यहां एक अंडरपास भी बनाया गया था। इसका आधा काम हो चुका है। यह अंडरपास रेलवे लाइन तक बनाया गया था। अब इसे भी बंद कर दिया गया है।

भाजपा नेता के दामाद बने पहले ठेकेदार

निर्माण के लिए सर्वप्रथम भाजपा के एक दिवंगत राष्ट्रीय नेता के दामाद को ठेका दिया गया था। उन्होंने काम पूरा नहीं किया। फिर एक अलग कंपनी ने ठेका ले लिया। सूत्रों ने बताया कि यह कंपनी भी काम छोड़कर चली गई। अब तीसरा ठेकेदार काम कर रहा है।

जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

6 माह से लंबित इस फ्लाईओवर का ठेका पहले एक भाजपा नेता के दामाद को दिया गया था। कई बार डिजाइन और ठेकेदार बदले गए। अब तक कार्य अधूरा है। यहां बने पिलर किसी काम के नहीं रहे। अंडरपास का निर्माण अधूरा था और बाद में उसे बंद कर दिया गया। इससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है। मंगलवार को हुए हादसे में ठेकेदार कंपनी और महारेल के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

- रविनीश पांडे, नेता, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार)

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