
Chhangur Baba Case:छांगुर बाबा के धर्मांतरण (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur ATS Action: चर्चित धार्मिक धर्मांतरण सिंडिकेट के मुख्य आरोपी छांगुर बाबा के हैंडलर को नागपुर, लखनऊ एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार तड़के नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान आसीनगर निवासी इदुल इस्लाम (42) के रूप में हुई है। इदुल इस्लाम छांगुर बाबा के करीबी लोगों में शामिल था और संगठन के वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी संभालता था।
जानकारी के अनुसार छांगुर बाबा कई बार इदुल से मिलने नागपुर आया था। नागपुर और पुणे सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों में संपत्तियां खरीदे जाने के भी संकेत मिले हैं। लखनऊ एटीएस द्वारा छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद उसके ठिकानों से बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए थे। दर्ज एफआईआर में इदुल का नाम भी शामिल था, लेकिन छांगुर की गिरफ्तारी के बाद इदुल अंडरग्राउंड हो गया था। उसके खिलाफ लखनऊ की विशेष अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
करीब चार दिन पहले लखनऊ एटीएस की टीम नागपुर पहुंची थी, लेकिन इदुल हाथ नहीं लगा। दो दिन पहले लखनऊ एटीएस ने नागपुर एटीएस के अधिकारियों के साथ जानकारी साझा की, जिसके बाद स्थानीय एटीएस ने भी निगरानी तेज कर दी।
शुक्रवार रात सूचना मिली कि इदुल अपने घर आया है। घनी आबादी वाले क्षेत्र को देखते हुए संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की। पांचपावली पुलिस का स्टाफ भी ऑपरेशन में शामिल रहा। शनिवार सुबह करीब 5 बजे एटीएस की टीम ने इदुल को हिरासत में लिया।
दोपहर में यूपी एटीएस ने उसे स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगी, जिसे मंजूर कर लिया गया। इसके बाद देर रात इदुल को लखनऊ ले जाया गया। स्थानीय एटीएस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच लखनऊ एटीएस द्वारा ही की जा रही है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह संगठन विदेशी फंडिंग के जरिए अवैध धर्मांतरण गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फ्रंट के रूप में काम कर रहा था। जांच में अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं।सूत्रों के अनुसार केवल महाराष्ट्र में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेन-देन की आशंका है।
दस्तावेजों में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने ‘एक भारत प्रतिकार संघ’ नामक संगठन की स्थापना की थी, जिसके लेटरहेड पर देश के प्रमुख नेताओं की तस्वीरें छपी थीं। एक दस्तावेज में इदुल इस्लाम को संगठन का राष्ट्रीय महासचिव बताया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि संगठन की कोई वास्तविक वैचारिक पृष्ठभूमि थी या नहीं, या फिर इसे वित्तीय अनियमितताओं, बेनामी संपत्तियों और धर्मांतरण गतिविधियों को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
इदुल इस्लाम नागपुर में एक सोलर कंपनी संचालित करता है। उसका परिवार आसीनगर क्षेत्र में ही रहता है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह देर रात घर आता और सुबह होते ही निकल जाता था। निगरानी के दौरान इसकी पुष्टि होने के बाद पूरे ऑपरेशन को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।
यह भी जानकारी मिली है कि नागपुर में धर्मांतरण के उद्देश्य से कुछ सम्मेलन आयोजित किए गए थे। ऐसे में अब यह जांच का विषय है कि नागपुर में कितने कार्यक्रम हुए और कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया।






