चंडीगढ़ में खिला कमल, मेयर चुनाव में BJP के सौरभ जोशी ने मारी बाजी; AAP को मिली करारी शिकस्त

Chandigarh Mayor Election: बीजेपी उम्मीदवार जसमनप्रीत सिंह ने सीनियर डिप्टी मेयर का पद जीता। उन्हें 18 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुनव्वर खान को 11 वोट मिले।
saurabh josshi
सौरभ जोशी, (मेयर, चंडीगढ़)
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Saurabh Joshi Win Chandigarh Mayor Elections: चंडीगढ़ नगर निगम मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज की। चंडीगढ़ के मेयर पद का चुनाव बीजेपी के सौरभ जोशी ने जीता। सौरभ जोशी को 18 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के योगेश ढींगरा को 11 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी को 7 वोट मिले।

चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी के पक्ष में वोट किया। इस बार मेयर चुनाव के लिए वोटिंग पार्षदों ने हाथ उठाकर की, जिसकी देखरेख पीठासीन अधिकारी रमणीक सिंह बेदी ने की।

AAP उम्मीदवार को मिले सिर्फ 11 वोट

बीजेपी उम्मीदवार जसमनप्रीत सिंह ने सीनियर डिप्टी मेयर का पद जीता। उन्हें 18 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मुनव्वर खान को 11 वोट मिले। डिप्टी मेयर का पद भी BJP उम्मीदवार सुमन शर्मा ने जीता। सुमन शर्मा को 18 वोट मिले, और AAP की जसविंदर कौर को 11 वोट मिले। कांग्रेस पार्टी ने सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। वोटिंग के बाद आम आदमी पार्टी के चंडीगढ़ इंचार्ज जरनैल सिंह ने ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर बीजेपी का साथ दिया है।

18 वोटों के साथ सौरभ जोशी की जीत

घोषित नतीजों में BJP के सौरभ जोशी को 18 पार्षदों के वोट मिले, जबकि AAP के योगेश ढींगरा को 11 और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गब्बी को 07 वोट मिले। इनमें 6 पार्षद और एक वोट सांसद मनीष तिवारी का शामिल था। हालांकि, बहुमत के लिए 19 वोटों की जरूरत थी, लेकिन त्रिकोणीय मुकाबले में सबसे अधिक वोट (18) प्राप्त करने के आधार पर सौरभ जोशी को विजेता घोषित किया गया।

बैलेट पेपर के बजाय हाथ उठाकर वोटिंग

बता दें कि 1996 के बाद पहली बार बैलेट पेपर के बजाय पार्षदों ने हाथ उठाकर और मौखिक घोषणा के साथ अपने मत का प्रयोग किया। सभी पार्षदों ने अपने वोट के बाद दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी किए। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सदन में पहुंचकर मतदान किया। मतदान से पहले उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।

पारदर्शिता के साथ हुआ मेयर का चुनाव

पीठासीन अधिकारी रमनीक सिंह ने पारदर्शिता के लिए सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की थी, ताकि पिछली बार जैसी धांधली की कोई गुंजाइश न रहे।

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