देश की पहली AI डाक सेवा नागपुर में लॉन्च, अब एआई बताएगा डाक है किस विभाग की, जानें फायदे

AI Postal System: नागपुर जिला परिषद में देश की पहली ‘AI डाक’ सेवा शुरू। अब पत्र सीधे सही विभाग को भेजे जाएंगे, ट्रैकिंग पारदर्शी होगी और देरी पर तय होगी जवाबदेही।
AI Postal System: नागपुर जिला परिषद में देश की पहली ‘AI डाक’ सेवा शुरू। अब पत्र सीधे सही विभाग को भेजे जाएंगे, ट्रैकिंग पारदर्शी होगी और देरी पर तय होगी जवाबदेही।
एआई (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur AI Postal System News: नागपुर जिला परिषद का सीधा संबंध ग्रामीण क्षेत्रों की जनता से होता है और इसे 'मिनी मंत्रालय' भी कहा जाता है। सीईओ विनायक महामुनि जिला परिषद को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। देश की पहली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आंगनवाड़ी शुरू करने और स्कूलों में भी इसका प्रयोग करने के बाद अब 'AI डाक' सेवा शुरू की जा रही है।

इस नई पहल के तहत जिला परिषद को प्राप्त होने वाले पत्र, शिकायत, आवेदन या प्रस्ताव AI के माध्यम से सीधे संबंधित विभाग को भेजे जाएंगे। पत्र या प्रस्ताव किसके पास और कब गया, इसकी जानकारी सभी को मिलेगी, जिससे पत्रों और प्रस्तावों को दबाकर रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

देश की पहली 'AI डाक' सेवा

यह देश की पहली 'AI डाक' सेवा होगी। महामुनि ने जिला परिषद के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए AI डाक सेवा शुरू करने की पहल की है। जिला परिषद के विभिन्न विभागों से संबंधित पत्र एक ही स्थान पर स्वीकार किए जाएंगे। पत्र प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्ति को तुरंत पावती की पुष्टि करने वाला संदेश मिलेगा।

समयसीमा का बंधन: सीईओ ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा पावती दर्ज करने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर पत्र पर कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।

अत्याधुनिक स्कैनिक: विभाग में एक मिनट में 42 पेज स्कैन करने की क्षमता वाला अत्याधुनिक स्कैनर उपलब्ध होगा। फाइल को स्कैनर पर रखते ही कुछ ही मिनटों में पूरी फाइल स्कैन हो जाएगी।

संक्षिप्त विवरण: AI तकनीक का उपयोग करके जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संबंधित विभाग प्रमुख को फाइल का तुरंत संक्षिप्त विवरण प्राप्त होगा। फाइल प्राप्त होने की तारीख और समय संक्षिप्त विवरण के साथ दर्ज होने से काम में तेजी आएगी और पत्र पर कार्रवाई करने की बाध्यता निश्चित होगी।

जवाबदेही होगी निश्चित: सीईओ

सीईओ विनायक महामुनि ने कहा कि कार्यालयीन कामकाज के नियमों के अनुसार हर मामले को निपटाने के लिए एक निश्चित समयसीमा होती है। AI पोस्टल सेवा के माध्यम से पत्र प्राप्त होने की तारीख और समय दर्ज होने से निर्धारित समय में मामले को निपटाने की जवाबदेही निश्चित होगी। अनावश्यक देरी के लिए संबंधित व्यक्तियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि AI पोस्टल सेवा जल्द ही लागू की जाएगी और इससे काम को गति मिलेगी।

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