महाराष्ट्र में बिना लाइसेंस कृषि उपज व्यापार पर सख्ती: अवैध खरीदी-बिक्री करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

Maharashtra Agri Trade: महाराष्ट्र में बिना लाइसेंस कृषि उपज की खरीदी-बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। विपणन विभाग ने व्यापारियों और FPO को लाइसेंस लेना अनिवार्य बताया।
Crackdown on Unlicensed Agricultural Produce Trading in Maharashtra: Legal Action to Be Taken Against Those Involved in Illegal Buying and Selling
कृषि उपज व्यापार, बिना लाइसेंस कार्रवाई, (सोर्स: सौजंय AI)
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Maharashtra Agricultural Produce Market: महाराष्ट्र में बिना लाइसेंस कृषि उपज की खरीदी-बिक्री करने वाले व्यापारियों, संस्थाओं और किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य के विपणन विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। विपणन संचालक शरद जरे ने कहा है कि कृषि उपज व्यापार से जुड़े सभी संबंधित पक्षों को नियमानुसार लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों से विपणन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई व्यापारी, संस्थाएं और किसान उत्पादक कंपनियां बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर कृषि उपज की खरीदी और बिक्री कर रही हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित पक्षों को पहले भी कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अवैध व्यापार जारी रहने की बात सामने आई है।

बिना लाइसेंस कृषि व्यापार पर कार्रवाई, लाइसेंस अब अनिवार्य

इसी को देखते हुए विपणन संचालक शरद जरे द्वारा एक परिपत्रक (सर्कुलर) जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना लाइसेंस कृषि उपज का व्यापार करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से मुख्य अधिनियम की धारा 6(2) में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। इस संशोधन के तहत अब प्रत्यक्ष विपणन (डायरेक्ट मार्केटिंग), निजी बाजार (प्राइवेट मार्केट), किसान-उपभोक्ता बाजार (फार्मर-टू-कंज्यूमर मार्केट) तथा ई-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि उपज व्यापार करने वालों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे लाइसेंसधारकों से संबंधित बाजार समिति द्वारा किसी प्रकार का बाजार शुल्क (मार्केट फीस) नहीं लिया जाएगा। यानी लाइसेंस लेने के बाद व्यापारियों को अतिरिक्त बाजार शुल्क का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा, लेकिन वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।

बिना लाइसेंस कृषि व्यापार पर सख्ती, विभाग की चेतावनी

विपणन विभाग ने व्यापारियों, कृषि आधारित संस्थाओं, किसान उत्पादक कंपनियों तथा कृषि उपज के व्यापार से जुड़े अन्य सभी पक्षों से अपील की है कि वे संबंधित कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करें। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कृषि व्यापार को पारदर्शी बनाना, किसानों के हितों की रक्षा करना और अनियमितताओं पर रोक लगाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना लाइसेंस व्यापार पर अंकुश लगने से कृषि बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को भी सुरक्षित व नियमानुसार व्यापारिक व्यवस्था का लाभ मिलेगा। वहीं अवैध व्यापार करने वालों के लिए यह चेतावनी भविष्य में सख्त कार्रवाई का संकेत मानी जा रही है।

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