महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: क्या शरद पवार गुट NDA में होगा शामिल? जयंत पाटिल-तावड़े मुलाकात से अटकलें तेज

Maharashtra Politics News: राकांपा (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल और भाजपा नेता विनोद तावड़े की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलें तेज हैं। सीएम फडणवीस ने गठबंधन की संभावना को खारिज किया।
Speculations rise in Maharashtra politics as NCP (SP) leader Jayant Patil meets BJP's Vinod Tawde. However, CM Devendra Fadnavis denied any plans of alliance.
नेता जयंत पाटिल (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics Jayant Patil Vinod Tawde: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाने वाले विनोद तावड़े से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

विभिन्न विकल्पों पर विचार की चर्चा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए शरद पवार गुट एनडीए के साथ संभावित सहयोग के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर सकता है। फिलहाल पार्टी के पास 10 विधायक और 8 सांसद हैं। हालांकि, इन संभावनाओं को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

जयंत पाटिल ने राजनीतिक चर्चा से किया इनकार

जयंत पाटिल ने विनोद तावड़े से मुलाकात की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं के बीच कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। उनके अनुसार यह केवल एक अनौपचारिक और निजी मुलाकात थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयासों का कोई आधार नहीं है।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महाराष्ट्र की कोई नई पार्टी एनडीए में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी दल को गठबंधन में शामिल करने की कोई योजना नहीं है और भविष्य में भी शरद पवार गुट के विधायक या सांसदों को एनडीए में शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

सुप्रिया सुले ने भी खारिज की अटकलें

इस बीच सांसद सुप्रिया सुले ने भी इन चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि जयंत पाटिल और विनोद तावड़े के बीच क्या बातचीत हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक महीने में उनकी स्वयं विनोद तावड़े से 21 बार मुलाकात हो चुकी है, इसलिए केवल किसी मुलाकात के आधार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल सभी पक्षों के बयानों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

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