

Sambhajinagar Agricultural Reforms: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद कृषि समिति की मासिक बैठक में कृषि उपज खरीद प्रक्रिया में मौजूद जटिल शर्तों को शिथिल कर समर्थन मूल्य के साथ खरीद प्रक्रिया आसान बनाने के लिए सरकार व मुख्यमंत्री स्तर पर पहल की जाए। यही नहीं, बायोगैस योजना प्रभावी ढंग से लागू करने, कलस्टर विकसित करने, कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों तक पहुंचाने, खाद और बीज बिक्री के लिए ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने व खाद की जमाखोरों पर नियंत्रण लगाने के सुझाव भी दिए गए।
जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं कृषि समिति सभापति जितेंद्र जायसवाल की अध्यक्षता में उनके कक्ष में आयोजित हुई, बैठक में गीतांजलि पाथ्रीकर, अर्जुन पाटील, आयेशा बेगम सैयद, कल्याण गायकवाड़, उत्तम चव्हाण, आजिनाथ धामणे, संगीत आमराव व कृषि विकास अधिकारी प्रकाश पाटील उपस्थित थे।
किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने के लिए जिता स्तर पर चान्य महोत्सव आयोजित करने, कपास के बीटी बीजों की गिरती गुणवत्ता पर नियंत्रण लगाने कृषि उपज को समर्थन मूल्य दिलाने, खाद की जमाखोरी रोकने, फसल बीमा फसल ऋण व जैविक खेती से जुड़े मुद्दों पर सरकार स्तर पर पहल करने की मांग जिय कृषि समिति को मासिक बैठक में की गई। सदस्यों ने कृषि विभाग, बैंकों व संबंधित विभागों के समन्वय से किसानों की समस्याओं का ठोस समाधान निकालने की जरूरत भी जोर दिया।
इससे पहले उपस्थित सदस्यों का स्वागत कृषि विकास अधिकारी प्रकाश पाटील ने किया। तदुपरांत विभिन्न कृषि विषयों पर चर्चा की गई। किसान से सीधे ग्राहक तक की अवधारणा के तहत जिला स्तर पर तीन दिवसीय धान्य महोत्सव आयोजित करने का सुझाव बैठक में रखा गया। उनका कहना था कि इससे बिचौलियों की संख्या कम होगी, ग्राहकों को उचित दर पर अनाज मिलेगा व किसानों को भी बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
बैठक में कपास के बीटी बीजों की गुणवत्ता को लेकन नाराजगी व्यक्त की गई डीसीएच-32 व नांदेड-44 जैसी किस्मों का उत्पादन अधिक होने का जि करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के बीटी बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस दौरान यह भी मांग की गई कि पंचनामे नहीं होने के चलते किसानों के फसल बीमा दावे खारिज होने की घटनाओं पर रोक लगार्ग, कृषि सेवा केंद्र संचालकों की समस्याओं को समझा जाए व ग्राम स्तर के कृषि कर्मी ग्राम सभाओं में उपस्थित रहे व स्थानीय स्तर पर निवास करें।
समूह खेती को प्राथमिकता देने, दुर्घटनाग्रस्त किसानों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने, पोखरा योजना को आम किसानों के लिए सरल बनाने, फसल ऋण के लिए बैंकर्स की बैठक आयोजित करने की मांग भी सदस्यों ने की।