मतदान केंद्र के भीतर हंगामा, बाहर हुई हाथापाई, उत्तर नागपुर के कई इलाकों में रहा तनाव

Civic Body Election:9 वर्ष बाद हो रहे नागपुर महानगर पालिका चुनाव के दौरान उत्तर नागपुर के कई मतदान केंद्रों पर हंगामा, हाथापाई और तनाव की स्थिति बनी, जिसे पुलिस हस्तक्षेप से नियंत्रित किया गया।
Nagpur Municipal Election
नागपुर न्यूज
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Nagpur Municipal Election:नागपुर मनपा चुनाव के इतिहास में भले ही बैलेट पेपर से मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं होती रही हों, लेकिन ईवीएम से मतदान शुरू होने के बाद इन घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लग गया था और चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण ढंग से होने लगे थे।

हालांकि, 9 वर्ष बाद हो रहे महानगर पालिका चुनाव को लेकर इस बार न केवल प्रत्याशियों में, बल्कि कार्यकर्ताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यह उत्साह कई स्थानों पर अव्यवस्था और तनाव में तब्दील हो गया। विशेष रूप से उत्तर नागपुर के कुछ मतदान केंद्रों के भीतर हंगामा हुआ, जबकि बाहर हाथापाई की घटनाएं सामने आईं।

9 वर्ष बाद हो रहे महानगर पालिका चुनाव

जरीपटका जैसे इलाकों में दो मतदान केंद्रों पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। दल-बल के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर कार्यकर्ताओं को हटाया, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका।

पुलिस छावनी बना रहा पूरा परिसर

उत्तर नागपुर के कई इलाकों में मतदान केंद्रों का परिसर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। सुबह तक स्थिति शांत रही, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया और तापमान बढ़ा, वैसे-वैसे सियासी माहौल भी गर्माता चला गया। मतदान केंद्रों के आसपास लगाए गए राजनीतिक दलों के बूथों पर भारी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जमा थे। मतदाताओं को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों की शिकायतों के बाद जरीपटका, नारा, सुगत नगर और देर शाम सुयोग नगर में भी तनाव की स्थिति बनी। भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस को पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लेना पड़ा। हालांकि लोगों में रोष रहा, लेकिन किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया।

कुछ इलाकों में दिग्गज नेताओं का ठिया

उल्लेखनीय है कि मतदान से एक दिन पहले पश्चिम नागपुर के प्रभाग क्रमांक 10 में पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के पहुंचने पर कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों द्वारा हंगामा किया गया था। कुछ समय बाद मामला शांत हो गया था। मतदान के दिन भी इसी तरह प्रभाग क्रमांक 2 में भाजपा के एक दिग्गज नेता की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया।

इससे इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। एक पूर्व पार्षद प्रत्याशी ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध करते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया और राज्य चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए।

रात से ही मचा रहा हंगामा

सूत्रों के अनुसार उत्तर नागपुर के कुछ इलाकों में मतदान से एक रात पहले ही माहौल गरमा गया था। देर रात करीब 1.30 बजे कस्तूरबानगर और आसपास की झोपड़पट्टी क्षेत्रों में किसी राजनीतिक दल के संपन्न प्रत्याशी के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से पैसे बांटे जाने की सूचना विपक्षी दल को मिली।

सूचना मिलते ही विपक्षी दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। हालांकि, पैसे बांटने वाले कार्यकर्ता वहां से निकलने में सफल रहे। घटना की खबर पूरे उत्तर नागपुर में तेजी से फैल गई। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सक्रियता दिखाई, लेकिन कथित रूप से पैसे बांटने वाले लोग पकड़ में नहीं आ सके।

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