बारिश के जमा पानी ने ली 3 मासूमों की जान, छापरु नगर और वाडी की दर्दनाक घटनाएं

गणेश विसर्जन के लिए रखी गई टंकी ने एक मासूम की जिंदगी निगल ली। गुरुवार दोपहर 7 वर्षीय महेश थापा की पानी की टंकी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई।
3 मासूमों की डूबकर मौत
3 मासूमों की डूबकर मौत
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नागपुर: नागपुर में 3 दिन हुई लगातार बारिश से जगह-जगह जलजमाव हो गया। यही जमा हुआ पानी 3 मासुमों के मौत की वजह बना। 2 अलग-अलग घटनाओं में 3 मासुम बच्चों की जान चली गई। एक शहर के छापरुनगर से तो दुसरी घटना वाडी के लावा से सामने आई है। छापरुनगर में 7 वर्षिय बालक की गणेश विसर्जन टैक में डुबकर तो वाडी में 2 बच्चों की खेत में खोदे गए गड्डे़ में जमा पानी में डुबकर मौत हो गई। दोनों घटनाओं से लोगों में भय और शोक व्याप्त है।

पहली घटना में लकड़गंज के कच्छी विसा भवन में गुरुवार लकड़गंज के की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। अपनी गेंद ढूंढने के लिए बालक विसर्जन टैंक में चला गया। पानी का अनुमान नहीं लगा पाया और डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। इस हादसे से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतक महेश कोमल थापा (10) बताया गया महेश के पिता कोमल थापा मूलतः नेपाल के रहने वाले हैं। कुछ वर्ष पहले अपने दोस्त और रिश्तेदारों के साथ काम की तलाश में नागपुर आए। काम भी मिल गया और वे यहीं बस गए।

गेंद ढुंढने के लिए टैक में उतरा

कोमल छापरूनगर की परिनिशा सोसाइटी में चौकीदारी करते हैं और उन्हें 3 बच्चे हैं जिनमें महेश सबसे छोटा था। कोमल के दोस्त का बेटा चेतन थापा भी महेश की ही उम्र का है। गुरुवार की दोपहर कोमल अपने काम में व्यस्त थे। महेश और चेतन कच्ची विसा मैदान में विकेट खेलने वले गाए। लगभग घंटे तक वहीं खेलते रहे। मैदान के ही एक हिस्से में विसर्जन के लिए बड़ा टैंक तैयार किया गया था। खेलते समय महेश की गेंद विसर्जन टैंक के पास गुम हो गई। आसपास तलाश करने के बाद भी गेंद नहीं मिली तो महेश टैंक में उतर गया चेतन बाहर खड़ा उसका इंतजार कर रहा था।

गेंद ढूंढते हुए 7 वर्षीय मासूम की डूबकर मौत

दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची

महेश पानी में अपनी गेंद ढुंढता हुआ गहराई में चला गया। वहीं पैर फिसलने के कारण गिर गया और पानी में डूब गया। चेतन में टैंक के भीतर देखा तो महेश गायब था। उसने मैदान में मौजूद एक व्यक्ति को महेश के टैंक में डूबने की जानकारी दी। पिता कोमल को सूचना दी गई और पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। पटना की जानकारी लकडगंज पुलिस को दी गई। पास ही फायर स्टेशन होने के कारण तत्काल दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, महेश को टैंक से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

टैंक में बच्चे के डूबने की खबर पूरे इलाके में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा बारिश के चलते टैंक में काफी पानी जमा हो गया था। आश्चर्य की बात ये है कि टैंक खुला हुआ था। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।

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मछली पकड़ने गए 5 बच्चे

वही दुसरी घटना में वाड़ी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत आटे लेआउट, महाडा कॉलोनी के रहने वाले 5 दोस्त गुरुवार को मछली पकड़ने के लिए लावा दवलामेटी मार्ग के खेत में स्थित गड्ढे में जमे पानी में मछली पकड़ने गये। 2 दोस्त पानी में उतरे लेकिन पानी और गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं होने से वे डूब गये। वाड़ी पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रबोधनकार ठाकरे विद्यालय में कक्षा वीं में अध्ययनरत आटे लेआउट निवासी धीरज नारनवरे (14) और विश्वनाथ बाबा हाईस्कूल में कक्षा 10वीं में अध्यनरत म्हाडा कॉलोनी निवासी नैतिक विपिन वानखेड़े (16) अपने 3 अन्य मित्रों के साथ दोपहर करीब 12 बजे परिसर से एक साथ लाया की ओर निकले।

मछली पकड़ने गए 2 मासूम डूबे

3 दोस्त बचे, 2 की डुबकर मौत

बच्चों ने घर में किसी को कोई जानकारी नहीं दी। लावा मार्ग से आठवां मैल मार्ग पर लावा ग्राम पंचायत निवासी दिलीप भगत नामक व्यक्ति के खेत में किसी निजी कार्य के लिए एक बड़ा गड्डा खोदा गया था जिसमें बारिश का पानी जमा था। पांचों दोस्त घूमते-घूमते यहां करीब 1 बजे पहुंचे। मछली पकड़ने और तैरने के उद्देश्य से धीरज और नैतिक पानी में उतरे। अन्य तीनों दोस्त किनारे पर ही खड़े थे परंतु गहराई का अंदाजा नहीं होने और दलदल होने से धीरज और नीतिक पानी में डूबने लगे। यह देख किनारे खड़े उनके दोस्तों ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया परंतु वे सफल नहीं हुए। मित्रों को डूबते देख किनारे खड़े तीनों दोस्त मदद के लिए शोर मचाने लगे। शोर सुनकर वहां मौजूद एक व्यक्ति उस ओर दौड़ा।

घटना से परिसर में छाया मातम

उस व्यक्ति ने भी आसपास के लोगों को सहायता हेतु बुलाया, पास ही मौजूद एक जेसीची चालक जेसीबी के साथ घटनास्थाल पर सहायता हेतु पहुंचा। इस दौरान बाकी तीनों मित्र घबराकर अपने घरों की ओर भागे घर में आकर तीनों ने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया उधर लावा के पूर्व जिप सदस्य सुजित नितनवरे को जानकारी मिलते ही वे भी कुछ लोगों के साथ घटनास्थल पहुंचे सूचना मिलते ही वाड़ी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

जेसीबी तथा गोताखोर की मदद से दोनों को बाहर निकाला, दोनों छात्रों के परिजनों को जानकारी मिलते ही वे घटनास्थल पहुंचे। धीरज और नैनिक को अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों में जांच कर दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना से परिसर में मातम छाया हुआ है।

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