RTMNU Yuva Rang: ‘चटक चांदणी’ और ‘अप्सरा आली’ पर थिरके विद्यार्थी; गुरुनानक भवन में लोककला का जबरदस्त क्रेज

RTMNU Youth Festival: नागपुर विश्वविद्यालय के 'युवा रंग' महोत्सव में लावणी और शास्त्रीय नृत्य की धूम। 65 प्रतिभागियों ने लावणी और 29 कॉलेजों ने शास्त्रीय नृत्य में बिखेरा जलवा।
RTMNU's 'Yuva Rang' youth festival showcases vibrant Lavani and classical dance forms like Kathak & Bharatanatyam at Gurunanak Bhavan.
युवारंग 2026 (सौजन्य-नवभारत)
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Yuva Rang 2026 Nagpur: राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विकास विभाग की ओर से आयोजित अंतर महाविद्यालयीन महोत्सव ‘युवा रंग’ में बुधवार को गुरुनानक भवन में लोककला और शास्त्रीय नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। दोपहर सत्र में महाराष्ट्र की सुप्रसिद्ध लोककला ‘लावणी’ और विभिन्न शास्त्रीय नृत्य रूपों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नागपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। ‘मदन मंजिरी’, ‘चटक चांदणी चमकते अंबरी’, ‘लाही लाही होते माझ्या अंगाची’, ‘मदनाचा वनवा’, ‘ढोलकीच्या नादात घुंगरू झालं बेभान’, ‘शौकिनांचा मेळा भरला-नाद खुळा’, ‘अप्सरा आली’ जैसी लोकप्रिय लावणियों की प्रस्तुति पर विद्यार्थियों ने भरपूर तालियां बजाईं।

कार्यक्रम में व्यवस्थापन परिषद सदस्य वामन तुर्के ने लावणी नृत्य के परीक्षकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। लावणी नृत्य प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के कुल 65 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं के साथ-साथ छात्रों ने भी प्रभावशाली लावणी प्रस्तुत कर सराहना बटोरी। लावणी नृत्य के परीक्षक और अंतरराष्ट्रीय लावणी कलाकार आकाश तायडे ने भी अपनी विशेष प्रस्तुति दी जिस पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक दाद दी।

शास्त्रीय नृत्य में भारतीय संस्कृति का दर्शन

नागपुर यूनिवर्सिटी में शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों में संगीत, ताल और अभिनय का सुंदर संगम देखने को मिला। भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी और कुचिपुड़ी जैसी विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक भावों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।

प्राचीन भारतीय कथाओं और उनके सार को विद्यार्थियों ने भाव-भंगिमाओं और नृत्य की विविध शैलियों के जरिए मंच पर जीवंत कर दिया। पौराणिक प्रसंगों के साथ आध्यात्मिक संवेदनाओं को भी प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता में कुल 29 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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