दीक्षाभूमि के कॉलेज में चले लात-घूसे, जांच के डर से कर्मचारियों को दी 'छुट्टी'? प्रिंसिपल ने रुकवाई कार्रवाई

Ambedkar College Nagpur Investigation: नागपुर के आंबेडकर कॉलेज में जांच के दौरान भारी हंगामा। विवि समिति को नहीं मिला सहयोग, सामाजिक संगठनों और स्मारक समिति के बीच मारपीट।
Chaos at Dr. Ambedkar College, Nagpur as University probe committee faces non-cooperation.
डॉ. आंबेडकर कॉलेज (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Dikshabhoomi College Dispute: दीक्षाभूमि परिसर स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर महाविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों के साथ कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विश्वविद्यालय की समिति ने बुधवार को कॉलेज का दौरा किया। हालांकि समिति को कॉलेज प्रशासन की ओर से असहयोग का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद समिति ने मौजूद रहे कर्मचारियों से बातचीत कर शिकायतों की गंभीरता जानी और नई शिकायतें भी दर्ज कीं।

दरअसल, अगस्त में कॉलेज के 26 शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने स्मारक समिति के सदस्य रवी मेंढे व अन्य के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। आरोपों में महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार, पदोन्नति रोकना और अनावश्यक उत्पीड़न शामिल थे। कर्मचारियों का कहना है कि इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एक महिला प्राध्यापिका ने मेंढे के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई, जिसकी जानकारी विश्वविद्यालय को भी दी गई।

सीनेट में उठा मुद्दा, बनी थी जांच समिति

जनवरी में हुई सीनेट की बैठक में सदस्यों ने डॉ. आंबेडकर महाविद्यालय में चल रहीं कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। इसके बाद उपकुलपति ने सीनेट सदस्य डॉ. नितिन कोंगरे की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। समिति में विवि के ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की डॉ. शालिनी लिहितकर सहित चार सदस्य शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार जांच समिति ने सबसे पहले प्राचार्य डॉ. दीपा पान्हेकर से मुलाकात की। बताया जाता है कि प्राचार्य ने मामले के न्यायालय में लंबित होने का हवाला देते हुए जांच पर आपत्ति जताई और कहा कि जब मामला अदालत में है तो जांच कैसे की जा सकती है। समिति द्वारा अपना अधिकार क्षेत्र स्पष्ट किए जाने के बाद भी प्राचार्य का विरोध जारी रहा। इसके बावजूद समिति ने कुछ कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं।

सामाजिक संगठन के 2 सदस्यों से मारपीट, पुलिस बुलाई

जांच समिति के आने की जानकारी मिलते ही कुछ सामाजिक संगठन भी कॉलेज पहुंचे। उन्होंने पहले प्राचार्य से मुलाकात की, फिर डॉ. आंबेडकर स्मारक समिति के अध्यक्ष भंते सुरई ससाई से चर्चा करने गए। संगठनों की प्रतिनिधि ज्योति आवले ने आरोप लगाया कि जब वे स्मारक समिति अध्यक्ष भंते सुरई ससाई से मिलने पहुंचीं, तो उनका व्यवहार अत्यंत ‘असभ्य’ और ‘अहंकारी’ था।

उन्होंने महिलाओं पर हाथ उठाने का प्रयास किया और समिति के ही दो सदस्यों के साथ मारपीट की। हंगामे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय समता सैनिक दल, रिपब्लिकन महिला फेडरेशन, दीक्षाभूमि धम्म महिला समिति, संबुद्ध महिला संगठन, संबोधिनी महिला संघ सहित संजीवनी महिला संघ और बुद्धिस्ट गोल्डन इरा फाउंडेशन जैसे कई प्रमुख संगठन शामिल हुए।

कर्मचारियों को दे दी गई छुट्टी

घटना से आक्रोशित संगठनों ने कॉलेज परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और ‘प्राचार्य हटाओ’, ‘स्मारक समिति भंग करो’ तथा ‘दोषियों पर कार्रवाई करो’ जैसे नारे लगाए। विवि प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।

बताया जाता है कि समिति के आने की जानकारी मिलते ही कई कर्मचारियों को अचानक छुट्टी दे दी गई, ताकि वे समिति के सामने उपस्थित न हो सकें। कुछ कर्मचारियों पर दबाव बनाए जाने और उन पर नजर रखे जाने की भी चर्चा है। समिति के एक सदस्य ने बताया कि यह पहली बैठक थी और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी दौरे किए जाएंगे। समिति अपनी रिपोर्ट उपकुलपति को सौंपेगी। साथ ही प्राचार्य और अन्य संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

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