फेक नैरेटिव के लिए MVA ने बनाई 'स्पेशल 68' की टीम! चंद्रशेखर बावनकुले का बड़ा आरोप

विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के लोगों के बीच एक दूसरे को बदनाम करने के प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों ओर से रोज नए-नए आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। इसी बीच बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने महाविकास आघाडी पर फेक नैरेटिव के लिए स्पेशल 68 की टीम बनाई है।
Maharashtra BJP President Chandrashekhar Bawankule
महाराष्ट्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले (फाइल फोटो: पीटीआई)
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मुंबई. विधानसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के लोगों के बीच एक दूसरे को बदनाम करने के प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों ओर से रोज नए-नए आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं। इसी बीच बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को विपक्षी दलों के गठबंधन महाविकास आघाडी (मविआ) पर बड़ा आरोप लगाया।

बावनकुले ने कहा कि अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने और जनता के बीच भ्रम फैलाने (फेक नैरेटिव सेट करने) के लिए महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ श्याम मानव नहीं बल्कि 68 लोगों की स्पेशल टीम बनाई है। इनके जरिए 'मविआ' की ओर से राज्य का सामाजिक सद्भाव बिगाड़ कर समाज में विवाद पैदा करने का लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बावनकुले ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा है कि समय आने पर वे साजिश में शामिल सभी लोगों के नामों की घोषणा करेंगे।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में हैं। वह सभी के भ्रष्टाचारों का पर्दाफाश करेंगे, इस डर से उन्हें रोकने के लिए मविआ समाज को विभाजित करके महाराष्ट्र को कमजोर बनाने का प्रयास कर रही है। मविआ ने विपक्ष के काले लोगों की 68 सदस्यीय मजबूत टीम बनाई है।

उन्होंने कहा, कांग्रेस ने केवल पैसा देने का वादा किया था, लेकिन अब जब महायुति सरकार ने दिखाया है कि वह 'लाडली बहन' योजना के माध्यम से तेजी से काम शुरू किया, तो विपक्षी लोग बौखला गए हैं। विपक्ष अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए झूठी बातें फैलाने और समाज को गुटों में बांटने की कोशिश कर रहा है।

तत्कालीन गृह मंत्री का यह कहना झूठ है कि देवेंद्र फडणवीस ने ढाई साल बाद दबाव बनाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब देवेंद्र फड़णवीस ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर दबाव डाला, उसी समय उन्होंने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई? गृह मंत्री इतने हताश कैसे हो सकते हैं? इस तरह की फर्जी खबरें बनाना ठीक नहीं है।

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