Purandar Airport: सीएम फडणवीस ने दी हरी झंडी! 2029 तक पूरा होगा काम, MIDC-CIDCO को दी बड़ी जिम्मेदारी

Purandar Airport Pune News: पुणे के पुरंदर तहसील में एयरपोर्ट के लिए सीएम फडणवीस ने डेडलाइन तय कर दी है। मुख्यमंत्री ने मुंबई में उच्च स्तरीय बैठक में एमआईडीसी और सिडको को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।
CM Devendra Fadnavis reviews Purandar Airport project. Land acquisition via MIDC fast-tracked with a completion target of March 2029.
सीएम फडणवीस की बैठक (सौजन्य-एक्स)
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CM Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा है कि बुनियादी ढांचे के तीव्र विकास के कारण पुणे शहर और उसके आसपास का क्षेत्र निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बन गया है। इसी वजह से पुणे शहर और आसपास के इलाकों में औद्योगीकरण बढ़ रहा है। शहरीकरण की गति भी तीव्र है। ऐसे में पुणे शहर की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुरंदर हवाई अड्डे के निर्माण का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वर्षा निवास पर आयोजित बैठक में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के माध्यम से हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। जमीन अधिग्रहण के विरोध के चलते ही इस पुरंदर एयरपोर्ट की डेडलाइन बढ़ानी पड़ रही है। उम्मीद है कि यह एयरपोर्ट मार्च 2029 तक पूरा हो सकेगा।

महिलाएं होंगी सशक्त

फडणवीस के मार्गदर्शन में मंगलवार को गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवन उन्नति अभियान के बीच समझौता किया गया। इस मौके पर फडणवीस ने कहा कि यह समझौता शाश्वत कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे 9 जिलों में 5000 से अधिक महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

तेजी से काम करें विभाग

फडणवीस ने कहा कि हवाई अड्डे के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराने की एक विशिष्ट विधि तय की जानी चाहिए। औद्योगिक विकास निगम को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। सीआईडीसीओ व अन्य एजेंसियों को अपनी जिम्मेदारियां निर्धारित करनी चाहिए और हवाई अड्डे के विकास में अपनी भूमिका को निभाना चाहिए।

टारगेट सुदृढ़ बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में बुनियादी ढांचे को सुदृढ बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी तथा तेज करने के निर्देश दिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं के लिए जमीन देने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने 'वर्षा' निवास स्थान पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) की विभिन्न परियोजनाओं के लिए चल रहे भूमि अधिग्रहण की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न विभागों में कुल 8,969 एकड़ क्षेत्र उपलब्ध है और नए सिरे से 20.431 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई है। राज्य में औद्योगिक निवेश की बड़ी मांग को देखते हुए एमआईडीसी को एक लाख एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखना चाहिए।

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