मुंबई में 40 साल बाद BJP का मेयर, रितु तावड़े निर्विरोध चुनी गईं; खत्म हुआ ठाकरे परिवार का दबदबा

BMC Election Results: भाजपा की रितु तावड़े निर्विरोध मुंबई की नई मेयर चुनी गई हैं। 40 साल बाद भाजपा ने इस पद पर कब्जा किया है, जिससे बीएमसी पर शिवसेना (यूबीटी) का 25 साल पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया।
Ritu Tawde Elected Unopposed As Mumbai Mayor
मुंबई के नई मेयर रितु तावड़े का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ritu Tawde Elected Unopposed As Mumbai Mayor: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में एक नए युग की शुरुआत हुई है। भाजपा की कॉर्पोरेटर रितु तावड़े (Ritu Tawde) को निर्विरोध मुंबई का नया मेयर चुना गया है। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब मुंबई को भारतीय जनता पार्टी से कोई मेयर मिला है। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संजय घाड़ी उपमहापौर चुने गए।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने बीएमसी मेयर चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार मैदान में न उतारने का फैसला किया। जिससे रितु तावड़े की जीत का रास्ता साफ हो गया और एशिया की सबसे अमीर नागरिक संस्था पर ठाकरे परिवार का 25 साल पुराना एकाधिकार खत्म हो गया है।

अनुभवी नेता हैं रितु तावड़े

53 वर्षीय रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की कॉर्पोरेटर हैं। उनके पास नागरिक प्रशासन और जन कल्याण में एक दशक से अधिक का जमीनी अनुभव है। भाजपा नेतृत्व के अनुसार, तावड़े अपनी 'हैंड्स-ऑन' कार्यशैली और सामुदायिक जुड़ाव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने बीएमसी में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें शिक्षा समिति की अध्यक्ष और सुधार समिति की उपाध्यक्ष जैसे अहम पद शामिल हैं।

राजनीतिक सफर और अनुभव

रितु तावड़े ने अपने करियर की शुरुआत वार्ड स्तर से की थी। नगर निगम की जिम्मेदारियों के अलावा, उन्होंने संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और मुंबई के पूर्वी उपनगरों के लिए जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। वे 'महिला आर्थिक विकास महामंडल' की निदेशक के रूप में भी जुड़ी रही हैं और खादी एवं ग्रामोद्योग ढांचे के तहत कौशल विकास पहलों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

सत्ता का समीकरण

227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना ने 29 सीटें जीती थीं। कुल 118 पार्षदों की ताकत के साथ महायुति गठबंधन ने मेयर पद पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी), जिसने 1997 से बीएमसी पर शासन किया था, ने केवल 65 सीटें जीतीं। उनके सहयोगियों, मनसे (MNS) को छह और राकांपा (शरद पवार) को एक सीट मिली।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भाजपा की इस जीत पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि भाजपा को मुंबई में मराठी लोगों और मनसे के भारी समर्थन के कारण एक "मराठी मेयर" चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा। राउत ने यह भी दावा किया कि तावड़े मूल रूप से कांग्रेस से जुड़ी रही हैं। बता दें कि बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका वर्ष 2025-26 के लिए बजट 74,450 करोड़ रुपये तय किया गया है।

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