मुंबई मोनोरेल की पटरी पर वापसी तय! मई से फिर शुरू होगी सेवा, जानें नए बदलाव और सुरक्षा अपडेट!

Mumbai Monorail News: मुंबई मोनोरेल फिर मई में शुरू होगी। चेंबूर-वडाला-जैकब सर्कल कॉरिडोर पर नई ट्रेनों, सिग्नलिंग व टेलीकॉम सिस्टम की टेस्टिंग जारी है। सेफ्टी ऑडिट के बाद ही सेवा बहाल होगी।
Mumbai Monorail Update
मोनोरेल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Mumbai Monorail Update: मुंबई की एकमात्र मोनोरेल सेवा महीनों की खामोशी के बाद मई में फिर दौड़ने की तैयारी में है। चेंबूर-वडाला-जैकब सर्कल कॉरिडोर पर सेवाएं बहाल करने से पहले नई ट्रेनों, सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम की व्यापक टेस्टिंग जारी है। स्वतंत्र सेफ्टी ऑडिट पूरी होते ही यात्रियों के लिए दरवाजे खोले जाएंगे। 19.54 किलोमीटर लंबा यह पूरा कॉरिडोर सितंबर 2025 से बंद है। बार-बार सामने आई तकनीकी और इंजीनियरिंग समस्याओं ने संचालन को बाधित किया, जिसके बाद री-कमीशनिंग का फैसला लिया गया। इस प्रक्रिया की कमान महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के हाथ में है, जिसने नए रोलिंग स्टॉक सप्लायर से शेष कार्य जल्द पूरा करने को कहा है।

न्यूट्रल ऑडिट को अनिवार्य

सूत्रों के मुताबिक, 10 नए मोनोरेल रेक की ट्रायल रनिंग के साथ सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम की इंटीग्रेटेड टेस्टिंग चल रही है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन (आईएसए) एक थर्ड पार्टी, न्यूट्रल ऑडिट को अनिवार्य किया गया है। आईएसए की हरी झंडी के बाद ही पैसेंजर सर्विस शुरू होगी।

मोनोरेल के संचालन और रखरखाव के मोर्चे पर बड़ा बदलाव हुआ है। पावर मेक प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को अगले पांच वर्षों के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एजेंसी स्टेशन मैनेजमेंट, ट्रेन ऑपरेशन, डिपो हैंडलिंग, रोलिंग स्टॉक अपकीप, इलेक्ट्रिकल-मैकेनिकल मेंटेनेंस, कस्टमर सर्विस और रियल-टाइम परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग संभालेगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

एजेंसी ने पांच इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 260 वाई-फाई एक्सेस पॉइंट, 500 आरएफआईडी टैग और 90 ट्रेन-डिटेक्शन सिस्टम लगाए हैं, और इंटीग्रेटेड टेस्टिंग चल रही है। मोनोरेल की कहानी चुनौतियों से भरी रही है। 2014 में लॉन्च हुई इस प्रणाली का पहला 8 किमी हिस्सा चेंबूर-वडाला के बीच खुला, जबकि पूरा कॉरिडोर 2019 में चालू हो सका, 2023-24 तक संचयी नुकसान 520 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान रहा। दिसंबर 2018 में एमएमआरडीए ने संचालन अपने हाथ में लिया था। बंदी का इस्तेमाल अपग्रेड के लिए किया गया। सीबीटीसी सिस्टम का कमीशनिंग, पुराने उपकरणों का नवीनीकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार।

- नवभारत लाइव के लिए मुंबई से अभिषेक पाठक की रिपोर्ट

Navbharat Live
navbharatlive.com