ठाकरे बंधुओं की ललकार: 'मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश', भाजपा और मराठी मानुष पर कही बड़ी

Mumbai News: राज और उद्धव ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए हाथ मिलाया है। उनका आरोप है कि केंद्र और राज्य की सत्ता में बैठे लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग कर मराठी अस्मिता मिटाना चाहते हैं।
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उद्धव ठाकरे व राज ठाकरे (डिजाइन फोटो)
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Raj-Uddhav Thackeray Statement: आगामी महानगर पालिका चुनावों के मद्देनजर ठाकरे भाइयों ने एक ऐतिहासिक साझा साक्षात्कार में बीजेपी पर तीखा प्रहार किया है। राज और उद्धव ठाकरे का मानना है कि मुंबई पर कब्जा करने की कोशिशें 'मराठी मानुष' को शक्तिहीन बना देंगी। यह गठबंधन व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि राज्य के गौरव की रक्षा के लिए है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए अपने गठबंधन को 'मराठी मानुष' के अस्तित्व की लड़ाई करार दिया है। संजय राउत और महेश मांजरेकर द्वारा लिए गए एक विशेष साक्षात्कार में राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि वे अपने निजी राजनीतिक अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक साथ आए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महानगर पालिकाओं की सत्ता पर उन लोगों का कब्जा हो गया जो मुंबई को राज्य से अलग करना चाहते हैं, तो स्थानीय लोग पूरी तरह शक्तिहीन हो जाएंगे।

मुंबई को बांटने की गहरी साजिश और 'पुराना घाव'

राज ठाकरे ने मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना उस 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के दौर से की, जब गुजरात मुंबई को अपना हिस्सा बनाना चाहता था। उन्होंने इसे एक 'पुराना घाव' बताते हुए दावा किया कि आज केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर ऐसी शक्तियाँ सत्ता में हैं जो मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने का सपना देख रही हैं। राज ठाकरे ने कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले लोग न केवल आजीविका के लिए आ रहे हैं, बल्कि वे योजनाबद्ध तरीके से अपने राजनीतिक निर्वाचन क्षेत्र भी तैयार कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस खतरे को रोकने के लिए केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर और कल्याण-डोम्बिवली जैसे प्रमुख नगर निकायों पर मराठी समर्थक ताकतों का नियंत्रण होना अनिवार्य है।

उद्धव ठाकरे ने महायुति सरकार पर बोला हमला

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की बीजेपी समर्थित सरकार पर हमला बोलते हुए उनकी नीतियों को 'विकास का ढोंग' करार दिया है। उनका तर्क है कि वर्तमान सरकार 'बिना योजना के विकास' (planless development) कर रही है, जिससे अंततः प्रगति के बजाय विनाश ही हाथ लगेगा।

उद्धव ठाकरे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार को खुद यह स्पष्ट नहीं है कि वह असल में क्या करना चाहती है। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि सत्ता में बैठे लोग भले ही महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हों, लेकिन मुंबई की जनता की वास्तविक जरूरतों और भावनाओं से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है।

जनता की अनदेखी और 'ठेकेदारों' का शासन

साक्षात्कार के दौरान उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन केवल ठेकेदारों के हितों को साधने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारियों का ध्यान आम जनता के कल्याण पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक हितों की पूर्ति पर केंद्रित है। ठाकरे भाइयों का यह साझा मंच यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि यदि इस समय वे एकजुट नहीं हुए, तो आने वाले समय में मुंबई की पहचान और मराठी मानुष का प्रभाव हमेशा के लिए समाप्त हो सकता है।

ठाकरे भाइयों का यह गठबंधन उस मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है, जिसे किसी पुराने ऐतिहासिक किले की दीवारों को बचाने के लिए फिर से तैयार किया गया है, ताकि घर की पहचान और संस्कृति को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षित रखा जा सके।

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