- Hindi News »
- Maharashtra »
- Mumbai »
- Raj Thackeray Birthday Special Political Journey Why Does Mns Chief Away From Power
Raj Thackeray Birthday Special: करिश्माई भाषण, फायरब्रांड नेता की छवि… फिर भी सत्ता से दूर क्यों MNS प्रमुख?
- Written By: आकाश मसने
Raj Thackeray Political Journey: बालासाहेब ठाकरे के राजनीतिक उत्तराधिकारी माने गए राज ठाकरे ने अलग पहचान बनाई, लेकिन उनकी पार्टी सत्ता तक नहीं पहुंच सकी। जन्मदिन पर पढ़िए उनकी राजनीतिक यात्रा।

राज ठाकरे का जन्मदिन आज (डिजाइन फोटो)
MNS Chief Raj Thackeray Biography: महाराष्ट्र की राजनीति में अगर किसी नेता को सबसे प्रभावशाली वक्ताओं में गिना जाता है तो वह हैं राज ठाकरे। उनके भाषणों में शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की झलक दिखाई देती है, उनकी सभाओं में आज भी भीड़ उमड़ती है और उनके बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन जाते हैं।
फिर भी एक सवाल आज भी कायम है इतनी लोकप्रियता और करिश्मे के बावजूद राज ठाकरे मुख्यमंत्री की कुर्सी या सत्ता के करीब क्यों नहीं पहुंच पाए? आइए जानते हैं राज ठाकरे के जन्मदिन पर उनकी राजनीतिक यात्रा, सफलताओं और चुनौतियां।
राज ठाकरे ने बालासाहेब से सीखी भाषण शैली
राज ठाकरे का जन्म 14 जून 1968 को हुआ था। उनके पिता श्रीकांत केशव ठाकरे और माता कुंदा ठाकरे था। वे शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के भतीजे हैं। 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें शिवसेना का भविष्य माना जाता था। उनकी भाषण शैली, संगठन क्षमता और युवाओं में लोकप्रियता ने उन्हें तेजी से उभरता नेता बना दिया। लेकिन शिवसेना में नेतृत्व को लेकर हुए बदलावों ने उनकी राजनीतिक दिशा बदल दी।
सम्बंधित ख़बरें
सिर्फ 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई, 20 जून बाद पूरी तरह खुल सकता है एक्सप्रेसवे
कारगिल से कन्याकुमारी तक रिकॉर्ड दौड़, ठाणे पहुंचे अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी, रोजाना 70 से 80 Km दौड़ रहें हैं
PM Modi के ड्रीम प्रोजेक्ट पर आयी नई अपडेट, पर्वत व पानी के अंदर गुजरने वाली सुरंगों का काम तेज
Sambhajinagar में 24 घंटे की मशक्कत के बाद नई पेयजल योजना को मिली रफ्तार, आज से शहर में जलापूर्ति की उम्मीद
कहा जाता है कि राज ठाकरे ने सार्वजनिक भाषण की कला अपने चाचा बालासाहेब ठाकरे से सीखी और उनका सटीक अनुकरण किया। लोगों के बीच धारा प्रवाह बोलने और व्यंग्य बाण छोड़ने की कला में राज ने महारत हासिल की। आज सोशल मीडिया के दौर में उनके भाषणों की कई क्लिपें वायरल हो जाती हैं।
बालासाहेब ठाकरे के साथ राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
2005 में छोड़ी शिवसेना, 2006 में चुनाव नया रास्ता
तारीख थी 18 दिसंबर 2005 और जगह- शिवाजी पार्क जिमखाना, राज ठाकरे ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें उन्होंने वो ऐलान किया जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मचा दिया। राज ने अपने चाचा से अलग होने और शिवसेना छोड़ने का ऐलान कर दिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे ने कहा था कि उन्होंने सम्मान मांगा था, लेकिन उन्हें सिर्फ अपमान और बेइज्जती मिली। इसके बाद 9 मार्च 2006 को राज ठाकरे ने महाराष्ट्र निवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की।
शिवसेना से क्यों अलग हुए राज ठाकरे?
यह फैसला लेना राज ठाकरे के लिए आसान नहीं था। एक समय था जब उन्हें बालासाहेब ठाकरे का उत्तराधिकारी माना जाता था लेकिन धीरे-धीरे शिवसेना में उद्धव का कद बढ़ता गया, जिससे राज ठाकरे की दावेदारी पर असर पड़ा।
दोनों भाइयों के बीच लगातार बढ़ते मतभेद और अधिकारों की लड़ाई 1995 से शुरू हुई थी। साल 1995 में उद्धव ठाकरे पार्टी का काम और फैसलों में बाल ठाकरे की मदद करने लगे। इसके बाद 1997 में हुए BMC के चुनाव में राज ठाकरे को दरकिनार कर ज्यादातर टिकट उद्धव ठाकरे की मर्जी से बांटे गए। बीएमसी चुनाव में शिवसेना की जीत के बाद उद्धव का कद पार्टी में लगातार बढ़ता गया और राज ठाकरे किनारे होते चले गए। इसी वजह से दोनों भाइयों के मतभेद की खाई और गहरी हो गई।
बालासाहेब ठाकरे के साथ राज ठाकरे व उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
2009 के विधानसभा चुनाव मनसे ने किया करिश्मा
राज ठाकरे ने 9 मार्च 2006 को महाराष्ट्र निवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की। शुरुआती वर्षों में मनसे ने महाराष्ट्र, खासकर मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे में मजबूत पकड़ बनाई। 2009 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 13 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। उस समय माना जा रहा था कि महाराष्ट्र की राजनीति में तीसरी ताकत उभर रही है।
भाषणों की ताकत, लेकिन वोटों में नहीं बदल सकी लोकप्रियता
राज ठाकरे की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उनकी जनसभाएं रही हैं। चाहे मराठी अस्मिता का मुद्दा हो, उत्तर भारतीयों का सवाल, टोल नाके, महंगाई या हिंदुत्व, राज ठाकरे ने हर मुद्दे पर अपनी अलग शैली में लोगों को प्रभावित किया। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता हमेशा वोटों में पूरी तरह तब्दील नहीं हो पाई। यही वजह रही कि मनसे कई बार चर्चा में तो रही, लेकिन सत्ता की राजनीति में निर्णायक भूमिका नहीं निभा सकी।
यह भी पढ़ें:- 20 साल पहले राज ठाकरे ने क्यों छोड़ दी थी शिवसेना? उद्धव से मतभेद नहीं, ये है ‘पॉलिटिकल ब्रेकअप’ की असली कहानी
2014 के बाद बदली महाराष्ट्र की सियासत
2014 के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा का तेजी से विस्तार हुआ। इसके बाद मनसे का जनाधार कमजोर पड़ा और पार्टी का दायरा सिमटता चला गया। हालांकि 2022 के बाद हिंदुत्व और मराठी अस्मिता के मुद्दों पर राज ठाकरे ने फिर से आक्रामक राजनीति शुरू की, जिससे उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी।
20 साल बाद एक हुई ठाकरे बंधु
2023 में लोकसभा चुनाव और 2024 में विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) की करारी हार और राज ठाकरे की मनसे के खराब प्रदर्शन के बाद राज्य के सियासी गलियारों में दोनों भाइयों के एक होने को लेकर काफी चर्चाएं हुई। लोगों का मानना था कि अब दोनों को भाइयों को एक हो जाना चाहिए।
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
आखिरकार वह दिन आ गया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे करीब 20 साल बाद 5 जुलाई 2025 को मुंबई की एक विजय रैली में एक साथ मंच पर आए। इसके बाद दोनों ने 24 दिसंबर 2025 को एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए आधिकारिक गठबंधन का ऐलान किया।
Raj thackeray birthday special political journey why does mns chief away from power
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Raj Thackeray Birthday Special: करिश्माई भाषण, फायरब्रांड नेता की छवि… फिर भी सत्ता से दूर क्यों MNS प्रमुख?
Jun 14, 2026 | 06:01 AMAaj Ka Rashifal 14 June 2026: धनु राशि वालों को मिलेगा व्यापार में बड़ा धन, मिथुन जातकों की चमकेगी किस्मत, जान
Jun 14, 2026 | 12:10 AMसिर्फ 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई, 20 जून बाद पूरी तरह खुल सकता है एक्सप्रेसवे
Jun 13, 2026 | 11:21 PMबेटी पर टिप्पणी को लेकर यूपी में गरमाई सियासत, दोनों पक्ष आए आमने-सामने, देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 11:03 PMJharkhand: बंद खदान में 4 की दर्दनाक मौत, रामगढ़ में कैसे जहरीली गैस बनी काल? अवैध खनन के लिए गए थे युवक
Jun 13, 2026 | 11:02 PMगंगा में डूब रहे पर्यटक के लिए फरिश्ता बना राफ्टिंग गाइड, जान बचाने के लिए खुद भी पानी में गिरा
Jun 13, 2026 | 11:00 PMNipah Virus Alert: केरल-तमिलनाडु सीमा पर बढ़ाई गई निगरानी, निपाह वायरस के संदिग्ध मामले से मचा हड़कंप
Jun 13, 2026 | 10:56 PMवीडियो गैलरी

वायुसेना के विमान में तकनीकी खराबी या कुछ और? कैसे हुआ IAF का AN-32 प्लेन क्रैश!
Jun 13, 2026 | 08:15 PM
असम का ‘डेंजर जोन’ कनेक्शन! 2026 में यहीं क्रैश हुआ था सुखोई, अब AN-32 विमान दो टुकड़ों में बंटा- VIDEO
Jun 13, 2026 | 07:16 PM
Europe Mission पर PM Modi! क्यों बढ़ी दुनिया की नजर? क्या है भारत का सीक्रेट प्लान?
Jun 13, 2026 | 05:11 PM
घर में घुसकर मारेंगे… CM योगी ने दी कड़ी चेतावनी; रक्षा नीति में पुरानी सरकार की खोली पोल- देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:51 PM
गाजियाबाद में ‘जिम-जिहाद’ पर प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने वाले ट्रेनरों में हड़कंप; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:37 PM
MP में UCC पर आया नया अपडेट, CM मोहन यादव ने बैठक में लिया बड़ा फैसला; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:19 PM













