मोतियाबिंद मुक्त विदर्भ को मिली रफ्तार, WCL देगा 5 करोड़ रुपए; 25 हजार मुफ्त सर्जरी का लक्ष्य

Vidarbha Cataract Mission: नागपुर में WCL व इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के बीच 5 करोड़ के MOU पर हस्ताक्षर हुए। नमो नेत्र संजीवनी के तहत 2027 तक विदर्भ में 25 हजार मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी का लक्ष्य है।
Momentum gathers for a cataract-free Vidarbha; WCL to provide ₹5 crore, targeting 25,000 free surgeries.
नागपुर, मोतियाबिंद मुक्त विदर्भ (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Free Cataract Surgery Vidarbha: नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्त्वाकांक्षी योजना 'मोतियाबिंद मुक्त विदर्भ' को धरातल पर उतारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस दिशा में इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नागपुर और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच 5 करोड़ के समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस निधि के माध्यम से विदर्भ में 'नमो नेत्र संजीवनी' कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसके तहत मार्च 2027 तक विदर्भ के 11 जिलों में कुल 25 हजार मोतियाबिंद की मुफ्त सर्जरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जरूरतमंदों को बहुत लाभ मिलेगा।

अंधापन कम होगा

इस पहल से न केवल मोतियाबिंद के कारण अंधापन कम होगा, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेगी। राज्य सरकार का विश्वास है कि 'नमो नेत्र संजीवनी' कार्यक्रम के जरिए विदर्भ के हजारों परिवारों के जीवन में एक नया उजाला आएगा।

Momentum gathers for a cataract-free Vidarbha; WCL to provide ₹5 crore, targeting 25,000 free surgeries.
नागपुर, मोतियाबिंद मुक्त विदर्भ (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)

समझौते में प्रमुख विशेषताएं

आधुनिक सुविधाएं: यह सभी सर्जरियां शासकीय मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के जरिए की जाएंगी।

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों को लाभ इससे ग्रामीण और दुर्गम इलाकों के हजारों नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाला और पूरी तरह से मुफ्त नेत्र उपचार मिलेगा, जिससे उनकी आंखों की रोशनी बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र का समन्वयःमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और विशेष सहयोग से IGGMC नागपुर को यह 5 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध हुआ है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार, मेडिकल संस्थानों और पीएसयू व डब्ल्यूसीएल का यह संयुक्त प्रयास एक सराहनीय पहल माना जा रहा है।

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