Pune में 600 कचरा प्रसंस्करण संयंत्र बंद, PMC ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए

Pune MNC के सर्वे में 2,000 से अधिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में से 600 बंद मिले। PMC ने सभी संस्थानों व सोसायटियों को इन्हें तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है, अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई होगी।
Pune waste processing plant
पुणे वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: पुणे शहर में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक गीला कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, होटलों, रेस्टोरेंट्स, व्यापारिक परिसरों, और बड़ी सोसायटियों के लिए अपने परिसर में ही कचरा प्रसंस्करण संयंत्र (वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट) स्थापित करना अनिवार्य है।

हालांकि, महानगर पालिका (मनपा) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि शहर के 2,000 से अधिक स्थापित संयंत्रों में से 600 से अधिक संस्थानों और सोसायटियों में ये संयंत्र वर्तमान में बंद पड़े हैं।

कड़े कदम उठाने की तैयारी

मनपा प्रशासन को पिछले दिनों 600 66 से अधिक संयंत्रों के बंद होने की जानकारी मिली है, इसलिए संबंधित सोसायटियों को एक बार फिर से संयंत्र शुरू करने का आदेश दिया गया है।  इस आदेश के बाद भी संयंत्र बंद रहने पर संबंधित संस्थानों और सोसायटियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, मनषा शहर में कचरा प्रबंधन को लेकर कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। - पवनीत कौर, मनपा की अतिरिक्त आयुक्त

शहर में 2,000 से अधिक संयंत्र स्थापित

  • बता दें कि शहर में गीले कबरे के उचित निपटान को सुनिश्चित करने के लिए मनपा द्वारा हाल ही में इन संयंत्रों का निरीक्षण और सर्वेक्षण किया गया था।
  • इस निरीक्षण में बड़े पैमाने पर संयंत्रों के निष्क्रिय होने का खुलासा हुआ।
  • अब, पुणे मनपा ने इन सभी संबंधित संस्थानों और सोसायटियों को बंद पड़े प्रसंस्करण संयंत्रों को तुरंत फिर से शुरू करने का आदेश दिया है।
  • मनपा की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि 2000 की निर्माण नियमावली के अनुसार, 100 किलोग्राम से अधिक गीला कचरा उत्पन्न करने वाले 1.942 प्रतिष्ठानों। होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, मंगल कार्यालय और बड़ी हाउसिंग सोसायटियां को अपने गीले कचरे का प्रसंस्करण स्वयं करना अनिवार्य है।
  • इन प्रतिष्ठानों से प्रतिदिन 20 टन से अधिक कचरे का निपटान अपेक्षित है, लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि ऐसा नहीं हो रहा है।