10 साल में दोगुनी हुई खपत...LPG उत्पादन वहीं का वहीं, बड़े संकट की ओर बढ़ रहा देश? आंकड़ों से समझें पूरी बात

India LPG Import Crisis: भारत अपनी 60% गैस आयात करता है, और उसका 85% हिस्सा उस रास्ते (होर्मुज़) से आता है जहां युद्ध छिड़ा है। क्या हम एक बड़े संकट की ओर बढ़ रहे हैं? पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Consumption Doubles in 10 Years... LPG Production Stagnates, A Look at the Data Explains It All.
सांकेतिक तस्वीर (AI)
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LPG Crisis in India: अमेरिका और इसराइल के बीच ईरान के साथ चल रही जंग के बढ़ते प्रभावों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है, और इसका असर अब भारत जैसे देशों में भी देखने को मिल रहा है। भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति में कमी के कारण कई स्थानों पर लंबी कतारें लग रही हैं, खासकर उन शहरों में जहां मेस, होटल्स और रेस्टोरेंट्स प्रभावित हो रहे हैं।

भारत के कई हिस्सों में स्टूडेंट्स और लॉज में रहने वाले लोग परेशान हैं क्योंकि उनकी रसोइयों में गैस की कमी हो रही है। कुछ रेस्टोरेंट्स और होटलों में मेन्यू सीमित हो गए हैं, और कई जगहों पर लकड़ी जलाकर खाना पकाने की खबरें आ रही हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इससे भी ज्यादा समस्या यह है कि फ़र्टिलाइज़र्स और सिरेमिक जैसे उद्योगों में भी उत्पादन पर असर पड़ा है, और इनके बंद होने की चेतावनी दी गई है।

विपक्षी पार्टियों का विरोध

इस स्थिति को लेकर विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर संसद में बहस की मांग की है। वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने लोकसभा में 12 मार्च को कहा कि पेट्रोल, डीज़ल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी स्थिर है और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।

सरकार ने क्या कहा?

मंत्री ने यह भी कहा कि पैनिक क्रिएट करने की कोशिश की जा रही है, और "घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है"। उनके अनुसार, गैस की बुकिंग अधिक हो रही है, लेकिन यह किसी कमी के कारण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की चिंता के चलते है।

भारत में एलपीजी खपत बढ़ी

भारत में एलपीजी खपत पिछले एक दशक में 60% बढ़ी है। 2015-16 में भारत में 19.6 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) एलपीजी खपत हो रही थी, जो अब बढ़कर 31.3 MMT होने की संभावना है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन जोड़ने से भी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

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स्रोत: PPAC

घरेलू उत्पादन की स्थिति

हालांकि, एलपीजी की खपत बढ़ने के बावजूद, भारत में इसका घरेलू उत्पादन स्थिर ही रहा है। भारत में खपत का सिर्फ 41% हिस्सा घरेलू उत्पादन से आता है। पिछले आठ वर्षों में घरेलू उत्पादन लगभग 12 MMT के आसपास ही बना हुआ है, जबकि 2015-16 में यह करीब 54% था। इससे भारत को एलपीजी के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।

भारत का एलपीजी आयात

भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है, अपनी आवश्यकता का लगभग 60% हिस्सा आयात करता है। इस आयात का बड़ा हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आता है, जो फिलहाल ईरान और अमेरिका-इसराइल संघर्ष के कारण विवादों का केंद्र बना हुआ है। लगभग 85% एलपीजी का आयात इसी संकरी जलमार्ग से किया जाता है।

भारत में कहां से आती है LPG?

भारत का एलपीजी आयात मुख्य रूप से क़तर (33%), यूएई (27%) और अमेरिका (8.6%) से आता है। खाड़ी देशों से भारत की पेट्रोलियम गैसों की लगभग 80% आपूर्ति होती है, जिससे यह समस्या और भी बढ़ जाती है, जब इन देशों के आपसी विवादों या युद्ध के कारण आपूर्ति में कोई रुकावट आती है।

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भारत का एलपीजी आयात

एलपीजी भंडारण की स्थिति

भारत में एलपीजी भंडारण की स्थिति भी सीमित है। अक्टूबर 2025 तक कुल एलपीजी भंडारण क्षमता 1555.6 हजार मीट्रिक टन है, जो सिर्फ 18 दिनों की मांग को पूरा कर सकती है यदि सप्लाई रुक जाए। पश्चिम और दक्षिण भारत में भंडारण क्षमता अपेक्षाकृत बेहतर है, जहां 26 और 23 दिन की मांग पूरी हो सकती है, जबकि उत्तर भारत में केवल 8 दिन की मांग पूरी की जा सकती है।

इन परिस्थितियों के चलते अगर एलपीजी की आपूर्ति में कोई बड़ी रुकावट आती है, तो इससे न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी होगी, बल्कि औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। भारत को अब एलपीजी आयात के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी होगी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करनी होगी।

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