सरकारी आदेश OBC के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे, मराठों और ओबीसी के बीच बढ़ती दरार पर बोले CM फडणवीस

Devendra Fadnavis on Maratha Quota: CM देवेंद्र फडणवीस बोले– मराठा कोटा से ओबीसी अधिकार प्रभावित नहीं होंगे, फर्जी व्यक्तियों को लाभ नहीं मिलेगा। विपक्ष पर राजनीति का आरोप।
CM devendra Fadnavis
देवेंद्र फडणवीस (Image- Social Media)
Published on
Updated on

Pune News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि मराठा कोटा के संबंध में जारी सरकारी आदेश से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे और इस वर्ग के लिए निर्धारित लाभ ‘‘फर्जी'' व्यक्तियों को नहीं मिलने दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ओबीसी और मराठों सहित सभी समुदायों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने विपक्ष पर ‘‘जरूरत से ज्यादा राजनीति'' करने और भय पैदा करने का आरोप लगाया। पुणे टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मराठा आरक्षण के संबंध में जारी सरकारी आदेश (जीआर) ओबीसी के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। एक भी फर्जी व्यक्ति को ओबीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा। फर्जी का मतलब उन लोगों से है जो ओबीसी नहीं हैं। जीआर में ऐसी सावधानी बरती गई है।''

ओबीसी के लिए एक अलग विभाग

जीआर पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए, फडणवीस ने कहा कि 2014 से ओबीसी कल्याण से जुड़े सभी फैसले उनकी सरकार ने लिए हैं। फडणवीस ने कहा, ‘‘हमने (भाजपा ने) ओबीसी के लिए एक अलग विभाग बनाया। हम ओबीसी के लिए विभिन्न योजनाएं लेकर आए, ओबीसी के लिए महा ज्योति स्थापित की और सबसे महत्वपूर्ण बात, पिछली सरकार के कार्यकाल में गंवाया गया 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा बहाल किया। इसलिए ओबीसी जानते हैं कि उनके कल्याण की चिंता किसे है।''

मराठों और ओबीसी के बीच बढ़ती दरार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कम नहीं होगी, जब तक कि दोनों समुदायों के नेता लोगों को इस मुद्दे के बारे में सही तथ्य नहीं बताते। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगा कि केवल उन्हीं लोगों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे जिनके पास कुनबी होने का रिकॉर्ड है। ऐसे रिकॉर्ड के बिना किसी को भी प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। इसलिए ओबीसी को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। इस मुद्दे पर जरूरत से ज्यादा राजनीति हो रही है और ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि ओबीसी आरक्षण समाप्त हो गया है।

इससे ओबीसी छात्रों की सोच प्रभावित हो रही है।'' फडणवीस ने कहा कि ऐसी राजनीति किसी भी समुदाय के लिए अच्छी नहीं है। त्योहारों के दौरान ध्वनि बढ़ाने वाले यंत्रों (डीजे सिस्टम) के खतरे के बारे में पूछे जाने पर फडणवीस ने कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और इससे दूर रहने के लिए लोगों में जागरूकता भी पैदा की जा रही है। -एजेंसी इनपुट के साथ

Navbharat Live
navbharatlive.com