

IND Vs PAK: एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर देशभर में अलग-अलग आवाज़ें उठ रही हैं। कई लोगों का मानना है कि भारतीय टीम के खिलाड़ियों को एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए था। पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवारों ने भी आवाज़ उठाई और कहा कि उनके ज़ख्म अभी भी ताज़ा हैं, उनके आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
यह टूर्नामेंट पहली बार 1984 में संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया गया था। इस सीरीज के पहले संस्करण में भारत, पाकिस्तान और श्री लंका की टीमें शामिल हुई थीं। भारत ने दोनों मैचों में जीत हासिल करके सीरीज पर कब्जा किया था। एशिया कप भी विवादों से बच नहीं सका है। कई बार राजनीतिक कारणों से इस टूर्नामेंट में विभिन्न समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। जानें, कब-कब एशिया कप विवादों के घेरे में आया है...
1986 में भारत ने श्री लंका के साथ क्रिकेट के तनावपूर्ण रिश्तों के कारण एशिया कप का बहिष्कार किया था। उस टूर्नामेंट के फाइनल में श्री लंका ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था।
1990-91 में एशिया कप का चौथा संस्करण भारत में आयोजित किया गया था। तब पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने तनावपूर्ण राजनीतिक रिश्तों के कारण इस सीरीज में भाग लेने से इंकार कर दिया था। भारत ने फाइनल में श्री लंका को 7 विकेट से हराकर यह सीरीज अपने नाम की थी।
1993 में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक गतिरोध के चलते इस टूर्नामेंट को रद्द करना पड़ा था।
मोदी सरकार में खेल मंत्री रह चुके भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "जब एसीसी या आईसीसी के टूर्नामेंट होते हैं तो देशों के लिए खेलना अनिवार्य हो जाता है। अगर वे ऐसा नहीं करते, तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ेगा या मैच छोड़ना पड़ेगा और अंक दूसरी टीम को मिल जाएंगे। लेकिन भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलता। हमने वर्षों पहले यह तय कर लिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद बंद नहीं करता, हम द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेलेंगे।'
भारत और पाकिस्तान के बीच पहला टी20 इंटरनेशनल मैच 14 सितंबर 2007 को डरबन में खेला गया था, जो टाई रहा था। 2007 से 2012 तक दोनों टीमों के बीच कुल 4 टी20 मैच खेले गए, जिनमें पाकिस्तान ने सिर्फ 1 और भारत ने 3 मैच जीते। पिछले 10 सालों में (2014 से 2024 तक) भारत और पाकिस्तान के बीच 8 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए, जिसमें भारतीय टीम ने 6 और पाकिस्तान ने केवल 2 मैचों में ही जीत हासिल की।