राहुल गांधी के समर्थन में उतरीं प्रियंका चतुर्वेदी, मोदी सरकार पर लगाया लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप
Priyanka Chaturvedi Statement: प्रियंका चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने एयरलाइन नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई।
- Written By: आकाश मसने
प्रियंका चतुर्वेदी व राहुल गांधी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Priyanka Chaturvedi Supports Rahul Gandhi: शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया कि विपक्ष के नेता को असुरक्षा के चलते विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने इंडिगो की 550 से अधिक उड़ानें रद्द करने की भी आलोचना की है।
शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार असुरक्षित महसूस होने की वजह से विपक्ष के नेता को रूस के राष्ट्रपति से मिलने नहीं दे रही है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि 2014 के बाद से लगातार केंद्र सरकार विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा करके यह सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
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विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से हम लोग एक नए प्रकार के लोकतंत्र को आकार लेते हुए देख रहे हैं, जिसके तहत सिर्फ सत्तापक्ष के नेताओं की ही आवाज सुनी जा रही है, जबकि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये लोग लोकतंत्र के सिद्धांतों को ताक पर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी कहा कि यह सरकार अब सभी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समाप्त करने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने साफ किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत विपक्ष के नेता को भी किसी विदेशी राष्ट्रध्यक्ष से मिलने की व्यवस्था होती है, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के सभी मूलभूत सिद्धांतों को खत्म करने की कोशिश बताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण कहा।
विमानन कंपनियों के रवैये पर उठाए सवाल
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने विमानन कंपनियों, खासकर इंडिगो के रवैये पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने इंडिगो की तरफ से 550 से ज्यादा फ्लाइट रद्द करने के संबंध में कहा कि मुंबई और पुणे सहित कई शहरों में उड़ानें रद्द हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस वजह से एयर इंडिया की तरफ से भी फ्लाइट्स को कैंसिल किया गया है।
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चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं। क्रू के रेस्टिंग ऑवर के संबंध में एक नया नियम दो साल से ज्यादा पहले आया था, लेकिन अब तक इन नियमों का पालन नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर एयरलाइंस कंपनियां अपने लाभ को ज्यादा तरजीह देती हैं, जबकि आम यात्रियों के हितों पर कुठाराघात करती हैं। सांसद ने बताया कि वह कई बार इस विषय को उठा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।
इंडिगो की मनमानी पर सदन में स्थगन प्रस्ताव
उन्होंने इस संबंध में सदन में स्थगन प्रस्ताव दिया है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि सभापति इस पर ध्यान देंगे। वह चाहती हैं कि सभापति सिविल एविएशन मिनिस्टर से जानकारी लें कि अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय विमान सुचारू रूप से चल रहे हैं, लेकिन घरेलू विमानों के यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि सिविल एविएशन को जल्द से जल्द यात्रियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
