Mumbai News: दबाव में नरहरी झिरवल, PS को निकाला, रिश्वतखोरी प्रकरण में गाडे की छुट्टी
Narhari Jhirwal: मंत्रालय रिश्वतखोरी मामले में मंत्री नरहरी झिरवल ने अपने निजी सचिव डॉ. रामदास गाडे को पद से हटाया, जबकि लिपिक राजेंद्र ढेरिंगे की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
ACB raid Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bribery Case Mumbai: मंत्रालय में रिश्वतखोरी के सनसनीखेज प्रकरण के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल का मंत्री पद खतरे में पड़ गया है। दबाव में आए मंत्री झिरवल ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए अपने निजी सचिव (पीएस) डॉ. रामदास गाडे को पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी मामले में मंत्री झिरवल के कार्यालय में कार्यरत क्लर्क राजेंद्र ढेरिंगे की गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों के आधार पर की गई है।
ढेरिंगे ने पूछताछ में कहा था कि उसने निजी सचिव गाडे के कहने पर ही पैसे लिए थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने हाल ही में मंत्री झिरवल के कार्यालय में छापा मारकर लिपिक राजेंद्र ढेरिंगे को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। ढेरिंगे पर आरोप है कि एक फार्मासिस्ट के निलंबित लाइसेंस को बहाल करने के लिए उसने रिश्वत की मांग की थी।
वीडियो से संलिप्तता की पुष्टि
एसीबी की टीम ने उसे मंत्री कार्यालय में रिश्वत लेते समय रंगेहाथ पकड़ा था। पूछताछ के दौरान मंत्री के निजी सचिव डॉ. रामदास गाडे का नाम सामने आया। हालांकि, गाडे उस दिन मंत्री के साथ दिल्ली में थे, लेकिन उसी दौरान वायरल हुए एक वीडियो से उनकी संलिप्तता की पुष्टि होने की बात सामने आई है।
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रिश्वतखोरी के कोडवर्ड का खुलासा
वीडियो शूट करने वाले निर्मल शर्मा ने आरोप लगाया था कि मंत्री कार्यालय में फाइलों पर अलग-अलग रंग की पट्टियां लगाकर रिश्वत की रकम तय की जाती थी। यहां एक लाइन का मतलब 50,000 रुपये और दो लाइन का मतलब एक लाख रुपये होता है। गाडे के खिलाफ हुए खुलासों के बाद मंत्री झिरवल ने तत्काल प्रभाव से डॉ. गाडे को उनके पद से मुक्त कर दिया है। गाडे, जो प्रतिनियुक्ति पर मंत्री के निजी सचिव थे, को उनके मूल विभाग कृषि एवं पदुम विभाग (कृषि एवं पदुम विभाग) में वापस भेज दिया गया है। इस संबंध में मंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग को तुरंत आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम को देंगे सफाई
रिश्वतखोरी प्रकरण में अपने खिलाफ उठ रहे सवालों और विपक्ष के हमलों के बीच मंत्री नरहरी झिरवल ने कहा है कि अगर इस मामले में उनका कोई संबंध पाया गया तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे। सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रख सकते हैं।
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ढेरिंगे को मिली जमानत
दूसरी ओर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए लिपिक राजेंद्र ढेरिंगे को मुंबई सत्र न्यायालय की विशेष एसीबी अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के तुरंत बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली। इससे पहले एसीबी ने उसके नाशिक रोड स्थित घर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है। ढेरिंगे मूल रूप से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का कर्मचारी है और पिछले एक वर्ष से मंत्री के अपील विभाग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात था।
