मेलघाट को मिला बड़ा तोहफा: धारणी में बनेगा जिला सत्र न्यायालय, हाई कोर्ट जज का बड़ा ऐलान

Dharni Additional District Court: मेलघाट के आदिवासियों को मिलेगा घर के पास न्याय। धारणी में जल्द खुलेगा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय। न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने दी जानकारी।
Justice Anil Kilor announces the establishment of an Additional District & Sessions Court in Dharni, Melghat.
न्यायमूर्ति अनिल किलोर (सौजन्य-नवभारत)
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Amravati District Court: मेलघाट जैसे आदिवासी और अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों को न्याय प्राप्त करने के लिए अब जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। आगामी कुछ महीनों में धारणी में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना होने जा रही है। यह जानकारी उच्च न्यायालय मुंबई, नागपुर खंडपीठ के वरिष्ठ प्रशासनिक न्यायमूर्ति एवं अमरावती के पालक न्यायमूर्ति अनिल सत्यविजय किलोर ने दी।

धारणी में आयोजित विधिक सेवा महाशिविर एवं शासकीय योजनाओं के महासम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर वे उपस्थितों को संबोधित कर रहे थे। न्यायमूर्ति किलोर ने कहा कि कानून समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जिन नागरिकों को कानून की जानकारी नहीं है अथवा जिनके पास आर्थिक साधन नहीं हैं, उन्हें निःशुल्क न्याय दिलाना ही विधिक सेवा महाशिविर का मुख्य उद्देश्य है।

100 किमी से ज्यादा दूरी नहीं होगी

मेलघाट जैसे आदिवासी क्षेत्र में इस प्रकार का महाशिविर सफलतापूर्वक आयोजित होना अत्यंत संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना से क्षेत्रवासियों को न्याय के लिए 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही उन्होंने शासकीय योजनाओं से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जानकारीपूर्ण स्टॉलों की सराहना की।

कार्यक्रम नई दिल्ली राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंबई महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरावती जिला विधिक सेवा प्राधिकरण; धारणी तालुका विधिक सेवा समिति तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मार्गदर्शक के रूप में न्यायमूर्ति प्रवीण पाटील (उच्च न्यायालय मुंबई, नागपुर खंडपीठ) उपस्थित थे। अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश सुधाकर यारलगड्डा ने की।

क्या बोले न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल?

न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने कहा कि शासकीय योजनाओं के स्टॉलों पर उमड़ी भारी भीड़ से यह स्पष्ट है कि महाशिविर अपने उद्देश्य में सफल रहा। उन्होंने बताया कि एक नागरिक द्वारा गांव से बहिष्कार की शिकायत पर न्यायमूर्ति किलोर ने तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिससे जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने जानकारी दी कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के लिए धारणी में छह एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है और शीघ्र ही संबंधित भवन विधि विभाग को सौंपा जाएगा। नगराध्यक्ष सुनील चौथमल ने क्षेत्र की भूमि एवं शिक्षा से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिस पर न्यायमूर्ति किलोर ने सकारात्मक आश्वासन दिया।

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