छत्रपति संभाजीनगर: 84 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म, सिल्लोड़ में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज

Sambhajinagar Rural Elections: सिल्लोड़ तहसील की 84 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। सीधे सरपंच चुनाव व्यवस्था के चलते इस बार मुकाबला और रोचक रहने की संभावना है।
Chhatrapati Sambhajinagar: The tenure of 84 Gram Panchayats has ended, Panchayat elections in full swing in Sillod.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Sillod Gram Panchayat Polls: छत्रपति संभाजीनगर सिल्लोड़ तहसील की 84 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं, वार्ड पुनर्गठन कार्यक्रम घोषित होते ही संभावित प्रत्याशियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जून या दीपावली के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं। तहसील की 82 पंचायतों का कार्यकाल 7 फरवरी को समाप्त हो गया। वहीं धावड़ा व चिंचवन ग्रुप ग्राम पंचायतों को स्वतंत्र दर्जा दिए जाने के बाद से यहां पिछले डेढ़ वर्ष से प्रशासक कार्यरत हैं।

हाल ही में जिप व पंस के लंबित चुनाव संपन्न हुए हैं। इसके बाद अब पंचायत चुनावों की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। सीधे जनता की ओर से सरपंच के चुनाव की व्यवस्था के चलते इस बार मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना है।

इच्छुक उम्मीदवारों ने जनसंपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। अंधारी, भराडी, शिवना, अजंता व उंडणगांव जैसी बड़ी पंचायतों में राजनीतिक गतिविधियां अधिक तेज देखी जा रही हैं। इन पर वर्चस्व बनाए रखने के लिए स्थानीय नेताओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।

जून या दिवाली के बाद बज सकता है बिगुल

अंतिम प्रभाग रचना प्रकाशित होने के बाद ग्रापं चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। यदि राज्य निर्वाचन आयोग निर्णय लेता है, तो जून में चुनावी बिगुल बज सकता है।

हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि दिवाली के बाद भी चुनाव हो सकते हैं। फिलहाल गांवों का राजनीतिक वातावरण गर्म होने लगा है व आने वाले महीनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

प्रभाग रचना का प्रस्तावित कार्यक्रम

20 फरवरी: गूगल अर्थ नक्शों का सुपर इम्पोज कर अंतिम रूप देना 27 फरवरी: स्थल निरीक्षण व प्रभाग निर्धारण 5 मार्च: प्रारूप की जांच 11 मार्च: उपविभागीय अधिकारी से जिलाधिकारी को प्रस्ताव 17 मार्च: प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजना 30 मार्च: संशोधनों सहित प्रारूप को मंजूरी 7 अप्रैल: प्रारूप प्रभाग रचना प्रकाशित, आपत्तियां आमंत्रित 13 अप्रैल: आपतिया प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल: आपतियों पर सुनवाई 28 अप्रैल: अंतिम प्रस्ताव आयोग की प्रेषित 4 मई: अंतिम प्रभाग रचना प्रकाशित

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