Shiv Sena UBT (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Political Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर घमासान मचा हुआ है। ठाणे स्थित शिंदे के आवास पर हुई इस मुलाकात की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के सांसद संजय राऊत ने कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के फिर से अलग होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
हालांकि, डीसीएम शिंदे से मुलाकात को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच खुद राज ठाकरे ने राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर मुलाकात के पीछे राजनीति तलाशना गलत है।
इससे पहले राज की शिंदे से मुलाकात से नाराज उद्धव ठाकरे ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शिवसेना (यूबीटी) के तीन नामांकित नगरसेवकों की सूची को अंतिम रूप दे दिया। हालांकि इन नामों की आधिकारिक घोषणा 28 फरवरी को होगी, लेकिन गुरुवार को लिया गया यह फैसला राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
दरअसल, बीएमसी चुनाव साथ लड़ने की पृष्ठभूमि में मनसे, यूबीटी के कोटे से आने वाले तीन स्वीकृत नगरसेवक पदों में से एक पद अपने लिए मांग रही थी। लेकिन उद्धव ठाकरे ने साईनाथ दुर्गे, माधुरी मांजरेकर और कैलाश पाठक के नाम तय कर मनसे को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
राज ठाकरे ने गुरुवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात का कारण बताया। उन्होंने शहरों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा,
“आज शहरों में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और अवैध विकास ने भयावह स्थिति पैदा कर दी है। हम सड़कों और फ्लाईओवर को विकास समझते हैं, लेकिन यह महज ‘सूजन’ है। जहां पहले 25-40 लोग रहते थे, वहां आज 400 लोग रह रहे हैं, लेकिन जगह और सड़कें वही हैं।”
राज ठाकरे ने कहा, “अगर हमें शहर की बेहतरी के लिए कोई काम करवाना है या सुझाव देने हैं, तो क्या नेताओं से मुलाकात जरूरी नहीं होगी? मैं एकनाथ शिंदे से मिला हूं और कल मुख्यमंत्री से भी मिलूंगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुलाकात पूरी तरह मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहरों की बढ़ती समस्याओं पर चर्चा के लिए थी। उन्होंने बताया कि अवैध पार्किंग पर 5 से 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का सुझाव दिया गया है, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारी भूषण गगराणी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।