'नारायण राणे ने मर्डर किए, जेल गए तब...', मंत्री गोगावले के बयान से मचा बवाल

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर महायुति अपनी तैयारियों में लगी हुई है। सिंधुदुर्ग जिले में शिवसेना कार्यकर्ताओं की एक सभा में मंत्री भरत गोगावले ने नारायण राणे को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया।
महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर महायुति अपनी तैयारियों में लगी हुई है। सिंधुदुर्ग जिले में शिवसेना कार्यकर्ताओं की एक सभा में मंत्री भरत गोगावले ने नारायण राणे को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया।
भरत गोगावले और नारायण राणे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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सिंधुदुर्ग: आगामी स्थानीय निकाय संस्थाओं के चुनावों से पहले उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी शिवसेना के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने का प्रयास तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में बीते शनिवार को सिंधुदुर्ग जिले में शिवसेना कार्यकर्ताओं की एक सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री भरत गोगावले ने नारायण राणे को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया।

इससे राज्य में खलबली मच गई है। गोगावले ने कहा कि राणे ने शिवसेना को बढ़ाने के लिए मारामारी की मर्डर करके जेल गए तब वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं। मजेदार बात यह है कि गोगावले जब नारायण राणे की कथित तौर पर तारिफ कर रहे थे तब उनके पुत्र नीलेश राणे भी मंच पर मौजूद थे।

केसरकर लफडेबाज नहीं - गोगावले

सिंधुदुर्ग जिले में शिवसेना कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करने के दौरान गोगावले ने कहा कि नीलेश राणे जिले में शिवसेना को मजबूती दे रहे हैं। लेकिन कुछ लोग पार्टी के नेता दीपक केसरकर को लफडेबाज कहकर उनकी आलोचना करते हैं। लेकिन यह सच नहीं है। केसरकर लफडेबाज नहीं हैं। लेकिन यदि शिवसैनिक लफड़ा नहीं करता है तो वह शिवसैनिक हो ही नहीं सकता है। लेकिन अब वे दिन चले गए। यह एकनाथ शिंदे की शिवसेना है।

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गोगावले ने कहा कि इससे पहले हमने बालासाहेब ठाकरे और नारायण राणे को करीब से देखा है, जो आज इस ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। यहां तक पहुंचने के लिए नारायण राणे ने खुद पर केस लिए, हत्याएं कीं और तरह-तरह के लफडे किए। कई बार जेल भी गए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप लफडेबाजी करें। ऐसा कहते हुए गोगावले ने पदाधिकारियों से कहा है कि सामंजस्य बनाना सीखें, जैसा कि हमने सामंजस्य बनाया है। इस दौरान मंच पर शिवसेना नेता मंत्री उदय सामंत, विधायक दीपक केसरकर एवं कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

गोगावले का तटकरे पर निशाना

गोगावले ने कहा है कि उसे टिकट दिया, मुझे टिकट नहीं दिया तो ऐसी नाराजगी नहीं रखनी चाहिए। बल्कि जिसे पार्टी ने टिकट दिया है उसके पीछे खड़े रहें और उसे विजयी बनाएं। लेकिन यदि कोई पार्टी के उम्मीदवार को हराने की कोशिश करता है, तो समझ ले उसका जय महाराष्ट्र होना तय है। ऐसी चेतावनी उन्होंने शिवसेना के पदाधिकारियों के साथ-साथ महायुति में शामिल सहयोगी दलों के स्थानीय नेताओं को भी दी।

ऐसा माना जा रहा है कि नाम लिए बगैर उन्होंने उप मुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर निशाना साधा है। गोगावले के विवाद से महायुति सहित राज्य की राजनीति में तल्खी और बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

गोगावले का ज्ञान अधूरा

मंत्री महाराष्ट्र व नारायण राणे के छोटे पुत्र नितेश राणे ने कहा नारायण राणे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ हत्या का कोई मामला पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। शायद गोगावले का ज्ञान अधूरा है उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। नारायण राणे ने शिवसेना को आगे बढ़ाया। वह हर शिवसैनिक के साथ खड़े रहते थे इसलिए बालासाहेब ने उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद दिया। भरत गोगावले उनके पुराने साथी हैं। आज शाम को चाय पार्टी के दौरान वह मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। उनसे मिलने के बाद मैं उनका थोड़ा ज्ञानवर्धन करूंगा।

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