2.25 Crore Cyber Scam (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Police Action: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने 77 वर्षीय एक बुजुर्ग को आतंकवाद से जुड़े फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देकर करीब 2.25 करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में मुंबई पुलिस ने गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान किशन भावेशभाई मकवाना के रूप में हुई है। आरोप है कि वह साइबर ठगों के लिए बैंक खाते खुलवाने और उनमें ठगी से प्राप्त रकम जमा कराने में मदद करता था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और जांच के आधार पर उसे हिरासत में लिया।
यह मामला मुंबई के गोरेगांव निवासी एक बुजुर्ग की शिकायत के बाद सामने आया। पीड़ित ने बताया कि नवंबर 2025 में उन्हें एक फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस मुख्यालय का वरिष्ठ अधिकारी आकाश शर्मा बताया। उसने आरोप लगाया कि पीड़ित के नाम से जम्मू-कश्मीर में एक बैंक खाता खोला गया है, जिसका इस्तेमाल आतंकवादियों की मदद के लिए किया गया है और इसके बदले उन्हें 70 लाख रुपये कमीशन मिला है।
जब बुजुर्ग ने पूछताछ के लिए उपस्थित होने में असमर्थता जताई, तो कॉल एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी गई, जिसने खुद को लखनऊ एंटी टेररिज्म स्क्वॉड का अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित को बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर यह बैंक खाता खोला गया है और उसमें संदिग्ध धनराशि जमा की गई है।
इसके बाद पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक नोटिस भी भेजा गया, जिस पर उस समय के एनआईए प्रमुख सदानंद दाते के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि जांच में सहयोग नहीं करने पर उन्हें 10 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट और जब्ती आदेश की कॉपी भी भेजी गई।
क्षेत्रीय साइबर डिवीजन में शिकायत दर्ज
डर के कारण बुजुर्ग ने ठगों के कहने पर अपने बैंक खातों की जानकारी साझा कर दी और 18 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 के बीच कई किश्तों में कुल 2.25 करोड़ रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
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पैसे मिलने के बाद ठगों ने पीड़ित से कहा कि उनकी जमानत मंजूर हो गई है और जल्द ही पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। बाद में जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने उत्तर क्षेत्रीय साइबर डिवीजन में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी किशन मकवाना की भूमिका की पुष्टि की और उसे इस सप्ताह गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।