Maharashtra Budget 5 Important Points
Maharashtra Budget 2026 Summary: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 मार्च 2026 को विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ का रोडमैप साझा किया। इस बजट में 9.32 लाख करोड़ के कर्ज के बोझ के बावजूद सरकार ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है और इसके लिए समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए ‘संजीवनी’ साबित होने वाली पांच बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
यह बजट न केवल बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाने का प्रयास करता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समावेशी विकास को प्राथमिकता देते हुए उन वर्गों को सीधी राहत प्रदान की है, जो राज्य की प्रगति की मुख्यधारा में पीछे रह गए थे।
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 30 सितंबर 2025 तक के बकाया कृषि ऋणों में से 2 लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। यह निर्णय राज्य में किसानों की आत्महत्या रोकने और उनकी वित्तीय स्थिति सुधारने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके साथ ही, जो किसान नियमित रूप से अपना कर्ज चुका रहे हैं, उन्हें ‘प्रोत्साहन’ के तौर पर 50,000 की नकद सहायता दी जाएगी। डिजिटल खेती और एआई (AI) के माध्यम से किसानों की लागत कम करने के लिए भी विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
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दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए सरकार ने उनके मासिक मानधन में 1,000 की भारी बढ़ोतरी की है। अब राज्य के दिव्यांगों को 1,500 के स्थान पर 2,500 प्रति माह दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें रोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य भर में 36 नए ‘कौशल विकास केंद्र’ (Skill Development Centers) खोले जाएंगे। यह केंद्र विशेष रूप से दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे, ताकि वे आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल सीखकर मुख्यधारा का हिस्सा बन सकें।
महिला सशक्तिकरण को बजट का प्रमुख स्तंभ बनाते हुए फडणवीस ने ‘लाडकी बहिन योजना’ को निरंतर जारी रखने का ऐलान किया। इसके साथ ही ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में राज्य में 37 लाख लखपति दीदियाँ हैं, जिन्हें बढ़ाकर 62 लाख करने का संकल्प लिया गया है। इसका अर्थ है कि आने वाले समय में 25 लाख नई महिलाओं को सालाना 1 लाख से अधिक की आय अर्जित करने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए बजट में आवश्यक फंड का आवंटन भी कर दिया गया है।