लाडकी बहिन योजना नहीं होगी बंद, महाराष्ट्र बजट में सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

Maharashtra Budget Ladki Bahin Yojana Update: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र बजट 2026 में लाडकी बहिन योजना जारी रखने का ऐलान किया और 25 लाख नई लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा।
Maharashtra Budget Ladki Bahin Yojna
Maharashtra Budget Ladki Bahin Yojna (फोटो क्रेडिट-X)
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Maharashtra Budget 2026: महाराष्ट्र के बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिलाओं के कल्याण से जुड़ी सबसे चर्चित 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। बजट पेश करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह योजना बंद नहीं होगी, बल्कि इसे और अधिक पारदर्शिता के साथ जारी रखा जाएगा। विपक्ष द्वारा वित्तीय संकट के दावों और लाभार्थी संख्या में कटौती की खबरों के बीच सरकार का यह ऐलान राज्य की करोड़ों महिलाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि सरकार का लक्ष्य केवल नकद सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसी कड़ी में उन्होंने 'लखपति दीदी' योजना के विस्तार का एक महत्वाकांक्षी खाका भी पेश किया।

लाडकी बहिन योजना: अफवाहों पर लगाम

पिछले कुछ हफ्तों से यह चर्चा गर्म थी कि ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या कम होने के कारण सरकार इस योजना को बंद कर सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र बजट भाषण में साफ किया कि सत्यापन का उद्देश्य केवल अपात्र लोगों को हटाना था ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं को मिलता रहे। उन्होंने घोषणा की कि पात्र महिलाओं को मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता निरंतर जारी रहेगी। हालांकि, भत्ते में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी की जो उम्मीदें थीं, उस पर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

25 लाख नई 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य

बजट में महिला सशक्तिकरण के दूसरे बड़े स्तंभ के रूप में 'लखपति दीदी' अभियान का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में 37 लाख लखपति दीदियाँ हैं, जो अपनी मेहनत और कौशल से सालाना 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार ने अब राज्यभर में 25 लाख और महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ब्याज मुक्त ऋण, कौशल प्रशिक्षण और उत्पादों की मार्केटिंग के लिए विशेष मंच प्रदान किए जाएंगे।

महिला केंद्रित बजट की अन्य बड़ी बातें

स्वयं सहायता समूहों को मजबूती: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाली सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड का प्रावधान।

डिजिटल साक्षरता: 'लखपति दीदी' बनने की राह में महिलाओं को डिजिटल लेन-देन और ई-कॉमर्स सिखाने के लिए नए प्रशिक्षण केंद्र।

सुरक्षा और स्वास्थ्य: कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और जिला स्तर पर 'भरोसा सेल' के विस्तार के लिए अतिरिक्त आवंटन।

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