
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने एक 30 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। जो वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना मुंबई में अवैध रूप से रह रही थी। इसकी पहचान बिलकिस बेगम सिरामिया अख्तर के रूप में हुई है।
आरोपी महिला को एटीएस और कफ परेड पुलिस के यूनिट अधिकारियों द्वारा की गई छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार एटीएस कांस्टेबल दीपक गायकवाड और उनकी टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि, एक विदेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर चुकी है और कफ परेड क्षेत्र में रह रही है।
उक्त सूचना मिलने पर एपीआई अभिजीत भोसले और पीएसआई कोयंदे के नेतृत्व में एक टीम, दो पंच गवाहों के साथ, नरीमन प्वाइंट स्थित वीवी राव रोड पर डाकघर लेन के पास के स्थान पर पहुंची। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस ने गली में पीले रंग का पंजाबी सूट पहने एक महिला को खड़ा देखा।
मुखबिर से उसकी पहचान की पुष्टि करने के बाद टीम ने निर्भया मोबाइल-5 गश्ती वाहन को बुलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान महिला ने शुरू में टालमटोल भरा जवाब दिया था।
आगे की पूछताछ करने पर, उसने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेशी नागरिक है और उसे अगस्त 2025 में डीसीबीसीआईडी की कुर्ला यूनिट 5 द्वारा अवैध रूप से रहने के कारण निर्वासन कर दिया गया था।
देश से निकाले जाने के बावजूद, उसने सीमा गश्ती दल से बचकर भारत में दोबारा प्रवेश करने की बात कबूल की और बताया कि वह बिना किसी वैच आव्रजन दस्तावेज के कफ परेड में एक किराए के कमरे में रह रही थी।
पुलिस ने एक महिला पंच की उपस्थिति में तलाशी ली और उनका बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र संख्या (2885904010) वाला इनफिनिक्स मोबाइल फोन जब्त किया है। फोन में संग्रहीत पहचान पत्र की तस्वीरे डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर ली गई और मोबाइल फोन को सील कर पंचनामा के अंतर्गत दर्ज कर लिया गया।
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पुलिस ने कफ परेड पुलिस स्टेशन में महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस बात की आगे जांच चल रही है कि निर्वाचन के बाद वह भारत में कैसे दोबारा दाखिल हुई और क्या वह सीमा पार घुसपैठ को बढ़ावा देने वाले किसी अवैध नेटवर्क से जुडी हुई है।






