Mumbai Airport T2 पर 14 हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर शुरू, चेक-इन प्रक्रिया होगी तेज

Mumbai International Airport: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 14 हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर शुरू किए गए हैं। नई तकनीक से यात्रियों का इंतजार कम होगा।
Mumbai International Airport
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Airport Hybrid Bag Drop: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट ने टर्मिनल-2 पर 14 हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर शुरू कर दिए हैं। यह पहल बढ़ते यात्री दबाव के बीच डिपार्चर प्रोसेस को तेज और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने 2028 तक टी-2 के सभी 212 पारंपरिक चेक-इन काउंटरों को चरणबद्ध तरीके से हाइब्रिड सिस्टम में बदलने का लक्ष्य रखा है। हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर की खासियत यह है कि इन्हें जरूरत के मुताबिक मैनुअल और सेल्फ-सर्विस, दोनों मोड में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इससे पीक आवर्स में जहां क्षमता बढ़ाई जा सकेगी, वहीं कम भीड़ के समय व्यक्तिगत सहायता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। सिस्टम चेक-इन और बैग ड्रॉप को एक ही प्रक्रिया में जोड़ता है, जिससे यात्रियों का इंतजार कम होता है और अलग-अलग काउंटरों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

आंकड़े बताते हैं कि मुंबई एयरपोर्ट पर सेल्फ-सर्विस बैगेज सुविधा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। वर्ष 2024 में जहां 3.88 लाख यात्रियों ने इसका उपयोग किया था, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 5.60 लाख तक पहुंच गई।

शुरू किए गए हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर: 14

हाइब्रिड प्लेटफॉर्म पर अब किया जा रहा है शिफ्ट

इसी बढ़ते रुझान को देखते हुए स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत महसूस की गई। तकनीकी रूप से, एक हाइब्रिड सेल्फ बैग ड्रॉप काउंटर सेल्फ-सर्विस मोड में प्रति घंटे लगभग 100 से 120 यात्रियों का बैगेज प्रोसेस कर सकता है, जबकि पारंपरिक मैनुअल काउंटर पर यह संख्या 25 से 30 यात्रियों तक सीमित रहती है।

यानी बैगेज प्रोसेसिंग क्षमता में करीब चार गुना बढ़ोतरी होती है। इंडिगो और एयर इंडिया ने टी-2 पर इस सिस्टम को अपनाया है। लुफ्थासा, एयर फ्रांस, कतर एयरवेज, स्विस और केएलएम जैसी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पहले से ही ऑटोनॉमस सेल्फ बैग ड्रॉप सुविधा का उपयोग कर रही है और उन्हें हाइब्रिड प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है। यह सिस्टम डिजीयात्रा बायोमेट्रिक तकनीक से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे फेस रिकॉग्निशन के जरिए प्रोसेस और तेज हो जाता है। एयरपोर्ट पर प्रशिक्षित सेल्फ बैग ड्रॉप सहायक भी तैनात किए गए हैं।

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