'एस' अक्षरवालों को भी 'नो' नहीं बोलना चाहिए, दादा कोंडके स्टाइल जवाब पर हंगामा

मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रश्नोत्तर काल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में नाले के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया।
मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रश्नोत्तर काल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में नाले के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया।
सुधीर मुनगंटीवार और संजय राठौड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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मुंबई: मानसून सत्र के तीसरे दिन सरकार को विपक्ष के तीखे हमला का सामना करना ही पड़ा लेकिन सत्ताधारी महायुति के मुख्य घटक दल बीजेपी के वरिष्ठ विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने भी मंत्रियों और सरकार के पसीने छुड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। चंद्रपुर नाले के काम को लेकर विधानसभा में पूर्व मंत्री और विधायक मुनगंटीवार ने सीधे तौर पर एक इंजीनियर और संबंधित विभाग की अक्षमता की ओर इशारा किया।

उन्होंने काम की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा किया। मजेदार बात यह है कि उनके निशाने पर सीधे तौर पर मंत्री संजय राठौड़ रहे। मुनगंटीवार ने दादा कोंडके स्टाइल में मंत्री राठोड पर सवालों की बारिश की। चंद्रपुर शहर में आकाशवाणी मार्ग पर स्थित नाले की नवनिर्मित दीवार राज्य की राजनीति में बाढ़ से ज्यादा सियासी उथल पुथल मचाती दिख रही थी।

100 मीटर लंबी दीवार पर सियासी चर्चा

महज 100 मीटर लंबी दीवार के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़ी सियासी चर्चा हुई। मुनगंटीवार ने बेबाकी से पूछा कि हम इंजीनियर चुनते समय उससे परफेक्शन की उम्मीद करते हैं, तो ऐसी गलतियां क्यों होती हैं? उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नाले का काम घटिया गुणवत्ता का है और प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करेगा।

मंत्री पर चुटकी

मुनगंटीवार ने दादा कोंडके मंत्री संजय राठौड़ पर चुटकी लेते हुए कहा कि जिनके नाम 'एस' से शुरू होते हैं, उन्हें 'ना' नहीं कहना चाहिए, उन्हें 'हां' ही कहना चाहिए। इसके बाद उन्होंने मंत्री राठोड से पूछा कि क्या इंजीनियरों पर कार्रवाई होगी? नाले की चौड़ाई कितनी है? क्या आपको यकीन है कि बहाव नहीं रुकेगा?

जवाब में मंत्री राठौड़ ने कहा कि दीवार का काम जल संरक्षण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए यह सवाल मेरे पास आया। जिला कलेक्टर के माध्यम से जांच करने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नाले की चौड़ाई, अवरोधों से मुक्ति और आगे का काम ठीक से हो, यह सुनिश्चित करने के लिए योजना समिति को प्रस्ताव भेजा जाएगा। लेकिन राठोड के जवाब से मुनगंटीवार संतुष्ट नहीं हुए।

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