
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव (डिजाइन फोटो)
Maharashtra Municipal Corporation Election Campaigning Ended: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। मंगलवार शाम 6 बजे से सार्वजनिक प्रचार पर रोक लग गई है, जिससे अब केवल डोर-टू-डोर कैंपेनिंग की अनुमति होगी। राज्य की 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को मतदान और 16 जनवरी को नतीजों की घोषणा की जाएगी।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय जबरदस्त हलचल है। राज्य के 29 महानगरपालिकाओं के 893 वार्डों में चुनाव होने जा रहे हैं। इसमें मुंबई (BMC), पुणे, ठाणे, नासिक और नागपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, इस बार लगभग 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए हैं।
एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। मुंबई के 227 वार्डों में होने वाला यह मुकाबला न केवल प्रशासनिक है, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई भी है। बीएमसी का बजट कई छोटे राज्यों से भी बड़ा होता है, इसलिए यहां की सत्ता पर काबिज होना हर राजनीतिक दल का मुख्य लक्ष्य है। 15 जनवरी को सुबह से ही मुंबईकर अपने नए पार्षदों को चुनने के लिए कतारों में लगेंगे।
इन चुनावों में राज्य की दो प्रमुख धुरी, महायुति (भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना, और अजित पवार की एनसीपी) और महाविकास आघाड़ी (ठाकरे गुट की शिवसेना, कांग्रेस, और शरद पवार की एनसीपी) के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है।
सत्तारूढ़ गठबंधन विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और ‘डबल इंजन’ सरकार के फायदों पर जोर दे रहा है। वहीं विपक्षी गठबंधन बेरोजगारी, स्थानीय मुद्दों और ‘मराठी अस्मिता’ को हथियार बना रहा है। इनके अलावा राज ठाकरे की मनसे, प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी और ओवैसी की AIMIM भी कई वार्डों में खेल बिगाड़ने की ताकत रखती हैं।
प्रचार के दौरान दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए वादों की झड़ी लगा दी है:
चुनाव के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर है। अकेले मुंबई में 25,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
अधिकारी: 10 एडिशनल कमिश्नर और 33 डीसीपी स्तर के अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
विशेष बल: एसआरपीएफ (SRPF), क्यूआरटी (QRT) और बम निरोधक दस्ते (BDDS) को संवेदनशील बूथों पर तैनात किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्भय होकर मतदान करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 100 या 112 नंबर पर दें।
प्रचार खत्म होने के बाद अब उम्मीदवार सार्वजनिक सभाएं या रैलियां नहीं कर सकेंगे। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध है। केवल 4-5 समर्थकों के साथ घर-घर जाकर वोट मांगे जा सकते हैं। 15 जनवरी को होने वाले मतदान के लिए संबंधित क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा ले सकें।






