

Nitesh Rane Jai Shri Ram Mayor Statement: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगरपालिका चुनावों के लिए प्रचार चरम पर है। मंत्री नितेश राणे ने मतदाताओं से मकर संक्रांति पर गांव न जाकर 'हिंदू धर्म' की रक्षा के लिए मतदान करने की अपील की है। दूसरी ओर, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने 'दो परिवारों' पर मुंबई को लूटने का आरोप लगाया है। इसी के साथ मंत्री नितेश राणे ने जय श्री राम को मेयर पद से जोड़ते हुए एक बयान दिया, जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले एक विवादास्पद और भड़काऊ बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने ठाणे में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य की सभी 29 महानगरपालिकाओं में केवल वही मेयर (महापौर) की कुर्सी पर बैठा दिखेगा जो 'जय श्री राम' का नारा लगाता है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों के बाद पूरे राज्य में 'भगवामय' वातावरण देखने को मिलेगा।
नितेश राणे ने मतदाताओं, विशेषकर गुजराती और मारवाड़ी समुदाय से अपील की कि वे 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने के लिए अपने पैतृक गांव न जाएं। राणे ने तर्क दिया कि सनातन धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए मुंबई और ठाणे में रहकर वोट देना इस समय सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'वोट जिहाद' का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मस्जिदों और अजान के नाम पर जो डराया जा रहा है, उसका जवाब हिंदू समाज को एकजुट होकर बड़े पैमाने पर मतदान करके देना होगा।
जहां एक तरफ नितेश राणे हिंदुत्व के मुद्दे पर मुखर दिखे, वहीं शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने भ्रष्टाचार और जवाबदेही को मुद्दा बनाया। देवड़ा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से 'दो परिवारों' ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) को अपने निजी 'एनी टाइम मनी' (ATM) की तरह इस्तेमाल किया और शहर को जमकर लूटा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति सरकार के लिए ATM का अर्थ 'Any Time Money' नहीं, बल्कि 'Accountable to Mumbaikars' (मुंबईकरों के प्रति जवाबदेही) है। देवड़ा ने विश्वास जताया कि महायुति इन चुनावों में शानदार जीत हासिल करेगी क्योंकि जनता ने पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए रचनात्मक कार्यों और विकास को करीब से देखा है।
महाराष्ट्र की इन 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव को राज्य की राजनीति का 'मिनी विधानसभा' माना जा रहा है। इसमें एशिया की सबसे बड़ी नागरिक संस्था बीएमसी (BMC) के साथ-साथ ठाणे और पुणे जैसी महत्वपूर्ण नगर पालिकाएं भी शामिल हैं। पुणे में राजनीतिक सरगर्मी तेज करते हुए एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने भी विरोधियों को कड़ी चुनौती दी है।
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, इन सभी क्षेत्रों में 15 जनवरी को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी, जबकि 16 जनवरी को मतों की गिनती के साथ परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशासन और राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।