
हेलीकॉप्टर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Government Aircraft Safety: बारामती में प्लेन क्रैश हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दर्दनाक मौत की घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार एक्शन में आ गई है। राज्य सरकार ने अपने ‘उड़न खटोलों’ (विमानों और हेलिकॉप्टरों) की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। सरकारी हवाई वाहनों के तत्काल और महत्वपूर्ण रखरखाव कार्यों के लिए 6 करोड़ रुपए के निधि आवंटन को मंजूरी दी गई है।
सरकारी हवाई वाहनों के लिए यह धनराशि दिसंबर 2025 के शीतकालीन सत्र में विधानमंडल द्वारा पारित पूरक मांग के माध्यम से मांगी गई थी। वित्त विभाग की व्यय प्राथमिकता समिति ने इस खर्च को स्वीकृति प्रदान की है। कुल 6 करोड़ रुपए की यह राशि ‘लघु निर्माण कार्य’ और ‘यंत्र तथा उपकरण’ शीर्षकों के तहत दो-दो पूरक मांगों के जरिए मंजूर की गई है।
निधि का उपयोग सरकार के स्वामित्व वाले हवाई वाहनों के अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण मरम्मत कार्यों के लिए किया जाएगा। यह आवंटन लेखा शीर्षक 2070 0156 के अंतर्गत किया गया है। आवंटित 6 करोड़ रुपए की राशि को बीईएमएस (बजट एक्सपेंडिचर मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली के माध्यम से जारी किया जाएगा।
इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार ने आदेश जारी करते हुए विमानचालन निदेशालय, मुंबई के उप निदेशक को निधि आहरण एवं वितरण प्राधिकारी तथा निदेशक को नियंत्रण प्राधिकारी नामित किया है। उप निदेशक की यह जिम्मेदारी होगी कि वर्ष 2025-26 में मंजूर इस राशि का उपयोग केवल निर्धारित प्रयोजनों के लिए ही किया जाए। निदेशक यह सुनिश्चित करेंगे कि खर्च का विवरण और उपयोगिता प्रमाणपत्र निर्धारित समय में सरकार और महालेखापाल कार्यालय को प्रस्तुत किया जाए।
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मंजूर की गई यह राशि ‘मांग क्रमांक ए-4, 2070 अन्य प्रशासनिक सेवाएं, परिवहन साधनों की खरीद एवं अनुरक्षण, विमानचालन परामर्श’ इस लेखा शीर्ष के अंतर्गत ‘लघु निर्माण कार्य’ और ‘यंत्र तथा उपकरण’ उद्देश्यों पर खर्च की जाएगी। यह सरकारी निर्णय वित्त विभाग की 21 जनवरी 2026 की सहमति के आधार पर जारी किया गया है। इस आदेश को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ तैयार किया गया है और इसे महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.maharashtra.gov.in पर अपलोड किया गया है। इस कदम को सरकारी विमान सेवाओं की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यवाही माना जा रहा है।






