सिर्फ डबल इंजन नहीं, डिब्बे भी टकरा रहे', BJP विधायक ने योगी के मंत्री को रोका, तो अखिलेश यादव ने ली चुटकी

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि बीजेपी के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं।
Akhilesh Yadav on India US Trade Deal
अखिलेश यादव, (सपा प्रमुख)
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Akhilesh Yadav Attack On BJP: उत्तर प्रदेश के महोबा में आज शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को उस वक्त बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया। इस मामले को लेकर यूपी की सियासी हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि ये तो सिर्फ एक नमूना है।

सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि हमने तो पहले ही कहा था कि बीजेपी के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे बीजेपी के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं।

'इस बार बीजेपी को प्रत्याशी नहीं मिलेंगे'

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा कि जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। बीजेपी के ही विधायक द्वारा अपनी ही बीजेपी सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि बीजेपी सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारने वाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है। दरअसल, ये तो केवल सैंपल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार बीजेपी को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। बीजेपी की सत्ता पटरी से उतर गई है।

आपस में भिड़ें योगी के मंत्री और विधायक?

महोबा में बीजेपी विधायक ने अपना विरोध जताने के लिए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का ही काफिला रोक दिया। यूपी के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने शायद ही सोचा होगा कि जिस जिले में वह सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने और कार्यक्रमों में पहुंचे वहीं उनकी अपनी पार्टी के विधायक उनके सामने दीवार बनकर खड़े हो जाएंगे। ​जब मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम के बाद अन्य कार्यक्रम के लिए जा रहे थे, तभी चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने करीब 50 ग्राम प्रधानों और सैकड़ों समर्थकों के साथ हाईवे पर अपनी गाड़ियों का काफिला अड़ा दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।

विधायक बोले अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे

वहीं एसडीएम और सीओ ने विधायक को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन समर्थकों का जोश और नाराजगी कम होने का नाम नहीं ले रही थी. ​हालात बिगड़ते देख कैबिनेट मंत्री खुद अपनी गाड़ी से उतरे और पैदल ही विधायक के बीच पहुंच गए. विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप था कि उनके विधानसभा क्षेत्र के करीब 100 गांवों की सड़कें जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के नाम पर खोद दी गई हैं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनकी मरम्मत नहीं हुई. विधायक ने साफ कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

नाराज विधायक को कलेक्ट्रेट ले गए स्वतंत्र देव सिंह

इसी दौरान जब पुलिस ने समर्थकों को हटाने की कोशिश की तो माहौल तनावपूर्ण हो गया और जमकर धक्का-मुक्की हुई। नाराज विधायक को शांत करने के लिए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उन्हें अपनी ही गाड़ी में बैठाकर कलेक्ट्रेट ले गए। वहां करीब एक घंटे तक बंद कमरे में एडीएम नमामि गंगे, डीएम, एसपी और अन्य अधिकारियों के साथ आपात बैठक हुई। मंत्री ने सख्त लहजे में 20 दिनों के भीतर खुदी हुई सड़कों को सही कराने का आश्वासन दिया है।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- विधायक

​हालांकि इस बैठक के बाद भी तल्खी कम नहीं दिखी, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मीडिया से बात किए बिना ही रवाना हो गए, जबकि विधायक बृजभूषण राजपूत ने हुंकार भरते हुए कहा कि यह पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है और अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर काम नहीं हुआ, तो वह आगे और भी कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

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