
रवींद्र चव्हाण व संजय शिरसाट (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Mayor Mahayuti Tension: बिहार में बीजेपी को मिली सफलता से महाराष्ट्र के भाजपाइयों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं को अब मुंबई में महापौर की कुर्सी करीब नजर आने लगी है। बीजेपी के नेता इस संबंध में खुल कर बयान दे रहे हैं। इससे महायुति में तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं।
ऐसा शनिवार को तब देखने को मिला जब बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने दावा किया कि मुंबई में बीजेपी का महापौर बनेगा। इस पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है।
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका ठीकरा विपक्ष पर फोड़ते हुए कहा कि विरोधी हमारे बीच झगड़ा लगाने का प्रयास कर रहे हैं। महापौर महायुति का होगा। किसी ने यह नहीं कहा कि बीजेपी का महापौर बनेगा। महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
हालांकि मुंबई मनपा के लिए चुनावी कार्यक्रम की घोषणा चुनाव आयोग की ओर अभी तक नहीं की गई है। लेकिन इसके बाद भी सत्तारूढ़ महायुति में महापौर पद पर दावेदारी को लेकर घमासान शुरू हो गया है।
रवींद्र चव्हाण ने स्पष्ट बयान दिया है कि महायुति की मुंबई में सत्ता में आएगी और महापौर भाजपा का ही बनेगा। भाजपा इस बार किसी भी कीमत पर मुंबई का महापौर पद जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2017 में मामूली अंतर से बीजेपी ने अवसर गंवा दिया था।
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2017 में हुए मुंबई मनपा के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने युति तोड़ कर अलग-अलग चुनाव लड़ा था। तब बीजेपी शिवसेना से सिर्फ 2 सीटों से पीछे रह गई थी। शिवसेना के 84, जबकि बीजेपी के 82 नगरसेवक चुने गए थे। लेकिन इस बार बीजेपी महापौर का पद पाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। रवींद्र चव्हाण ने ऐसे संकेत भी दे दिए हैं। लेकिन उनके बयान के बाद, महायुति के भीतर घमासान शुरू हो गया है।






