
मुंबई मेट्रो (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Metro: महाराष्ट्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-11 प्रोजेक्ट को औपचारिक मंजूरी दे दी है। बडाला से गेटवे ऑफ इंडिया तक बनने वाली यह महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर अब राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति के बाद आगे बढ़ेगी।
शहरी विकास विभाग ने 18 नवंबर 2025 को जारी जीआर के जरिए इसकी पुष्टि की। कुल 23,487,51 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में मेट्रो डिपो का निर्माण भी शामिल है। परियोजना को लायबिलिटी क्लॉज में महत्वपूर्ण परिवर्तन के साथ फाइनल स्टेट अप्रूवल प्राप्त हुआ है।
मेट्रो लाइन-4/4A के विस्तार के रूप में प्रस्तावित मेट्रो लाइन-11 की लंबाई 17.51 किलोमीटर होगी। इसमें 13 भूमिगत और 1 एट-ग्रेड स्टेशन शामिल हैं। यह पूरा प्रोजेक्ट मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) द्वारा बनाया जाएगा।
यह लाइन वडाला, सेवरी, फिरोजशाह मेहता रोड, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), काला घोड़ा होते हुए सीधे गेटवे ऑफ इंडिया तक यात्रियों को पहुंचाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट के लिए लिए जाने वाले विदेशी कर्ज पर राज्य केवल कॉन्टिन्जेंट लायबिलिटी उठाएगा। इसमें मूलधन, ब्याज और अन्य शुल्क शामिल होंगे, लेकिन यह सीधे कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी नहीं होगी। इसके लिए राज्य सरकार प्रोजेक्ट एग्रीमेंट, लोन एग्रीमेंट और सब्सिडियरी लोन एग्रीमेंट साइन करने को भी मंजूरी दे चुकी है, जरूरत पड़ने पर सरकार कर्ज के लिए गारंटी भी देगी।
11 सितंबर 2025 के सरकारी निर्णय (जीआर) में धारा 12 में बड़ी गलती पाई गई थी, उस धारा में लोन रीपेमेंट की जिम्मेदारी शब्दों का उल्लेख था। नए प्रेस नोट में इस वाक्यांश को हटाकर संशोधित स्पष्ट किया गया है कि राज्य केवल कॉन्टिन्जेंट लायबिलिटी लेगा, न कि सीधी भुगतान जिम्मेदारी, यह सुधार वित्तीय प्रक्रियाओं में स्पष्टता लाता है और प्रोजेक्ट के लिए बाहरी कर्ज जुटाने का रास्ता आसान करता है।
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मेट्रो लाइन-11 दक्षिण मुंबई के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, वर्तमान में वडाला से कोलाया या गेटवे तक पहुंचने में भारी ट्रैफिक और समय बर्बाद होता है। नई मेट्रो लाइन शुरू होने के बाद यात्रियों को तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे सड़क और रेल नेटवर्क पर दबाव कम होने की उम्मीद है।






