Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को नहीं मिलेंगे 1500 रुपए, चुनाव आयोग ने लगाई रोक, सामने आया ये बड़ा कारण

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडकी बहिन योजना के तहत जनवरी माह का अग्रिम भुगतान रोक दिया है। अब यह किस्त 16 जनवरी के बाद आएगी।
Majhi Ladli Bahin scheme
Ladki Bahin Yojana:महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai News: मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना (लाडकी बहिन योजना) की लाभार्थी महिलाओं को मकर संक्रांति के अवसर पर 3000 रुपए मिलने की अटकलों पर विराम लग गया है। महानगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में राज्य निर्वाचन आयोग ने लाडली बहन योजना के तहत जनवरी माह का लाभ अग्रिम रूप से देने पर रोक लगा दी है। हालांकि, योजना का नियमित या बकाया लाभ जारी करने की अनुमति दी गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग के 4 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार, चुनाव घोषणा से पहले शुरू की गई विकास योजनाएं आचार संहिता की अवधि में जारी रह सकती हैं। इसी आधार पर लाडली बहन योजना का नियमित लाभ दिया जा सकता है। मीडिया में “मकर संक्रांति पर लाडली बहनों को बड़ी भेंट, 14 जनवरी से पहले दिसंबर और जनवरी के 3000 रुपए खाते में” जैसी खबरें आने के बाद आयोग को कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सरकार के निर्णय की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा था।

आयोग का स्पष्ट निर्देश : अग्रिम लाभ नहीं, नए लाभार्थी नहीं

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि योजना का नियमित लाभ दिया जा सकता है, लेकिन किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही आचार संहिता की अवधि में नए लाभार्थियों का चयन भी नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस का हमला : ‘स्वार्थी भाई’ करार

नगर निकाय चुनावों से पहले लाडकी बहन योजना की राशि को लेकर कांग्रेस ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेता “स्वार्थी भाई” हैं, जो महिलाओं को योजना का लाभ देकर उनसे वोट की अपेक्षा रखते हैं।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने दो महीनों तक योजना की राशि वितरित नहीं की और चुनाव प्रचार के दौरान पूरी रकम बांटने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा गया है, हालांकि किसी ठोस कार्रवाई की उम्मीद कम है।

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