

मुंबई: रमाबाई अंबेडकर नगर और कामराज नगर के पुनर्विकास को मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) और स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है। इस पुनर्वास योजना के पात्र लाभार्थियों को मकान के किराए का चेक मुख्यमंत्री शिंदे ने दिया। इस मौके पर आवास मंत्री अतुल सावे और कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद थे। इस अवसर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई दुनिया का नंबर वन शहर बनना चाहिए।
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब का सपना था कि झोपड़पट्टी में रहने वाले चालीस लाख लोगों को मुफ्त घर दिया जाए। लेकिन दुर्भाग्य से कुछ नहीं हो पाया। हर किसी का घर का सपना होता है। मैंने एमएमआरडीए के कमिश्नर संजय मुख़र्जी से कहा है कि जिस तरह का घर का मॉडल मुझे दिखाया गया है, घर भी वैसे बनाए जाने चाहिए। मुंबई से बाहर गए मुंबईवासियों को मुझे फिर से मुंबई में लाना है। आज आप को चेक दिया जा रहा है और जल्द ही आप लोगों को घर भी देंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मैंने और उपमुख्यमंत्रियों ने मिलकर तय किया है कि अगर हमें मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनाना है, तो हमें मुंबई को स्लम-मुक्त शहर बनाना होगा। हमने तय किया है कि पहले चरण में हम मुंबई में दो लाख घर बनाएंगे। आज तक आम आदमी झोपड़पट्टी में रह रहा है, लेकिन हमारी सरकार में किसी का हक़ नहीं मारा जाएगा। मुंबई के झोपड़पट्टी वासियों को अच्छा घर जरूर मिलेगा।
फिलहाल एमएमआरडीए रमाबाई अंबेडकर नगर और कामराज नगर का पुनर्विकास कर रहा है। इसके अतिरिक्त अब म्हाडा, एमएसआरडीसी, सिडको और एमआईडीसी भी स्लम पुनर्विकास का काम करेंगे। बीएमसी की सीमा में आने वाली झोपड़पट्टी के प्रोजेक्ट बीएमसी करेगी और पुनर्वास के लिए किराया भी देगी और उन्हें घर भी अच्छी क्वालिटी के देने होंगे।