
राहुल शेवाले और एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Rahul Shewale Delhi Visit: बीएमसी चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद खरीद-फरोख्त की संभावनाओं के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सभी पार्षदों को होटल में ठहरा दिया था। हालांकि अब उनकी कैद से पार्षद आजाद हो गए हैं। मंगलवार को सभी नगरसेवक होटल से चेक आउट कर अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में लौट आए।
हालांकि पार्टी ने एहतियातन उनकी जीत के प्रमाणपत्र और आधार कार्ड अपने पास रख लिए हैं। पार्षदों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी बाहरी संपर्क में न रहें। इधर विपक्षी दलों ने शिंदे की होटल पॉलिटिक्स पर निशाना साधा है और नगरसेवकों के फोन टैप करने के आरोप लगाए हैं।
बीएमसी चुनाव में भाजपा के 89 और शिंदे गुट के 29 नगरसेवक विजयी हुए हैं। भाजपा शिंदे गुट के बिना बीएमसी में अपने दम पर सत्ता नहीं बना सकती। इस बीच शिंदे गुट ने महापौर पद पर दावा ठोंका है। दोनों दलों में महापौर पद को लेकर खींचतान जारी है।
इधर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता राहुल शेवाले दिल्ली पहुंच गए जहां उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेताओं से महापौर पद को लेकर चर्चा की।
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महापौर पद के आरक्षण की लॉटरी 22 जनवरी को निकाली जाएगी 30 जनवरी को चुनाव होगा। सीएम देवेंद्र फडणवीस दावोस दौरे पर हैं, हालांकि वे स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। वे 24 जनवरी तक मुबई वापस आ सकते है। उसके बाद महापौर और दूसरे महत्वपूर्ण पदों को लेकर फैसला होने की संभावना है।
कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने दावा किया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मेयर पद से ज्यादा स्टैंडिंग कमेटी में दिलचस्पी है। उनकी निगाहें कहीं, और निशाना कहीं और है।






