
किशोरी पेडनेकर व नील सोमैया (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Candidate Assets Affidavit Report: आगामी 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनावों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा अपलोड किए गए हलफनामों ने उम्मीदवारों की तिजोरी का राज खोल दिया है। पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर से लेकर बीजेपी के नील सोमैया तक, प्रमुख चेहरों की संपत्ति में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
मध्य मुंबई के लोअर परेल (वार्ड 199) से शिवसेना (यूबीटी) की उम्मीदवार और पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर की संपत्ति में बड़ा उछाल आया है। हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति अब 5.26 करोड़ रुपये है, जो 2017 में घोषित 1.61 करोड़ रुपये की तुलना में 226 प्रतिशत अधिक है। गौरतलब है कि पेडनेकर 2019 से 2022 तक मुंबई की महापौर रही थीं। उन्होंने अपनी वर्तमान संपत्ति में 4.69 करोड़ रुपये की अचल और 57 लाख रुपये की चल संपत्ति की जानकारी दी है।
शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार समाधान सवरणकर, जो पूर्व विधायक सदा सवरणकर के पुत्र हैं, ने संपत्ति के मामले में लंबी छलांग लगाई है। उनकी संपत्ति 2017 में 9.43 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 46.59 करोड़ रुपये हो गई है, यह लगभग 394 प्रतिशत की वृद्धि है। शपथ पत्र के अनुसार, सवरणकर एक व्यवसायी हैं और उनके पास 40.59 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।
इसी तरह, बीजेपी नेता किरीट सोमैया के पुत्र नील सोमैया की संपत्ति में भी चौंकाने वाली वृद्धि हुई है। 35 वर्षीय नील ने 9.89 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है, जो 2017 (1.99 करोड़ रुपये) की तुलना में 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। उनकी संपत्ति में 5.72 करोड़ रुपये की चल और 4.16 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
मझगांव (वार्ड 209) से शिवसेना उम्मीदवार और यशवंत जाधव की पत्नी यामिनी जाधव ने अपनी कुल संपत्ति 14.57 करोड़ रुपये घोषित की है। इसमें 11.28 करोड़ रुपये की अचल और 3.28 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। इससे पहले 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने अपनी संपत्ति 10.10 करोड़ रुपये बताई थी।
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वहीं, भायखला-अग्रीपाड़ा (वार्ड 212) से चुनाव लड़ रही गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गावली की बेटी गीता गावली ने 7.26 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी दी है। इसमें 4.70 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी संपत्ति केवल 3.38 करोड़ रुपये थी।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कुल 227 वार्डों के लिए इस बार कड़ा मुकाबला होने जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इन सीटों के लिए लगभग 1,700 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव आयोग की पारदर्शिता नीति के तहत इन हलफनामों के सार्वजनिक होने से मतदाताओं को अपने प्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति समझने का मौका मिला है। 15 जनवरी को होने वाले मतदान में अब जनता यह तय करेगी कि वह किन चेहरों पर भरोसा जताती है।






