तारि खान @नवभारत
मुंबई: शिवाजी नगर पुलिस ने एक ऐसे भयानक और अमानवीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो नाबालिग बच्चों का अपहरण कर उन्हें जबरन ट्रांसजेंडर (हिजड़ा) बनाने, लोकल ट्रेनों में भीख मंगवाने और देह व्यापार के दलदल में धकेलने का काम कर रहा था।
पुलिस ने इस कुख्यात बांग्लादेशी गिरोह के सरगना बाबू अनिल खान उर्फ बाबू गुरु (बामू हिजड़ा) और उसके साथी सफदे उर्फ ज़ारा के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ज़ारा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी बाबू हिजड़ा फिलहाल फरार है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब गोवंडी की रहने वाली एक मां ने अपने 17 वर्षीय बेटे के लापता होने, और उसके साथ हुई बर्बरता की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, पीड़ित लड़का अपनी पढ़ाई के बाद मोबाइल रिपेयरिंग सीख रहा था। गिरोह ने उसे अपनी बातों में फंसाया और रफीक नगर स्थित अपने ठिकाने पर बंधक बना लिया। आरोप है कि बाबू हिजड़ा और ज़ारा ने किशोर को जबरन लड़कियों के कपड़े पहनने पर मजबूर किया और, पूरे रमजान के महीने में चेंबूर के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनों में भीख मंगवाई है।
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हैरान कर देने वाली बात यह है कि आरोपियों ने केवल भीख मंगवाने तक ही सीमित नहीं रहे। बल्कि पीड़ित को चेंबूर और जीएम लिंक रोड जैसे इलाकों में पुरुष ग्राहकों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए भी मजबूर किया है। गिरोह इस मासूम से होने वाली कमाई को खुद हड़प लेता था।
जब पीड़ित की मां ने अपने बेटे की तलाश में आरोपी के घर दबिश दी, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और पैसों की मांग की गई। शिवाजी नगर पुलिस ने अब इस मामले में मानव तस्करी, अपहरण और पॉक्सो जैसी कड़ी धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार और भी गहरे हो सकते हैं और कई अन्य बच्चे इनके चंगुल में फंसे हो सकते हैं।
पकड़े गए आरोपी ने कबूल किया है कि वे बच्चों को अगवा करने के बाद उन्हें ऐसे डॉक्टरों या झोलाछापों के पास ले जाते थे, जो चोरी-छिपे यह काम करते थे। बिना किसी मेडिकल सुविधा और हाइजीन के किए जाने वाले इन ऑपरेशनों की वजह से कई बच्चों की जान पर भी बन आती थी। पीड़ितों को महीनों तक बंधक बनाकर रखा जाता था और उन्हें बुरी तरह टॉर्चर किया जाता था ताकि वे बाहर जाकर किसी को कुछ बता न सकें। इस खुलासे के बाद बाल अधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
इस मामले ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ और उसके जरिए पनप रहे अपराधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह गैंग अब तक कितने बच्चों को अपना शिकार बना चुका है और उनके अंगों का व्यापार या तस्करी का कोई एंगल तो नहीं है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें।