
आशीष शेलार व नवाब मलिक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashish Shelar On Nawab Malik: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाब मलिक के खिलाफ आरोप तय होने के बाद महाराष्ट्र भाजपा ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री आशीष शेलार ने स्पष्ट किया कि आगामी नगर निगम चुनावों में पार्टी मलिक के नेतृत्व वाली एनसीपी से कोई गठबंधन नहीं करेगी।
महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता आशीष शेलार ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी आने वाले नगर निगम चुनावों में नवाब मलिक के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी।
भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि हम नवाब मलिक का समर्थन नहीं कर सकते हैं और हमारा यही रुख पिछले साल विधानसभा चुनावों में भी था। हम अब भी इस पर अटल हैं, और भविष्य में भी हमारा रुख यही रहेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला मलिक के बारे में नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के बारे में है। आशीष शेलार ने स्पष्ट किया कि जब मलिक के खिलाफ दाऊद गिरोह की सदस्य हसीना पारकर के साथ संबंध होने के गंभीर आरोप लगे हैं, तो ऐसे में भाजपा अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती।
भाजपा की यह टिप्पणी तब आई है जब यहां की एक अदालत ने हाल ही में दाऊद इब्राहिम के गिरोह की गतिविधि से जुड़े धन शोधन से संबंधित मामले में मलिक के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मलिक ने दाऊद गिरोह की सदस्य हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ जोड़-तोड़कर कुर्ला उपनगर के गोवावाला में हड़पी गई संपत्ति में हिस्सा लिया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया था। वह अभी शीर्ष अदालत से चिकित्सा आधार पर मिली जमानत पर बाहर हैं।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा, भाजपा और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ प्रदेश में सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है। हालांकि, राकांपा ने भाजपा की इस आलोचना को अधिक तवज्जो नहीं दी।
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एनसीपी के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उनकी राजनीति किसी पर निर्भर नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मलिक को दो महीने पहले ही मुंबई के लिए चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया था और पार्टी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने उम्मीदवारों से आवेदन मांगा है और बाद में तय करेगी कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
उल्लेखनीय है कि मलिक कई बार विधायक रह चुके हैं और वह अविभाजित राकांपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष भी थे। हालांकि, पिछले साल मलिक शिवाजीनगर-गोवंडी सीट से विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार से हार गये थे। मुंबई में पार्टी की कभी कोई खास मौजूदगी नहीं रही है, कुछ इलाकों को छोड़कर।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






