

Ajit Pawar Met Union Home Minister Amit Shah: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने यह मुलाकात बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर बधाई देने के लिए की। हालांकि, यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब उनके बेटे पार्थ पवार जमीन खरीद मामले में मुश्किलों में घिरे हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार ने दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अजित पवार ने मुलाकात के बाद एक फोटो सोशल मीडिया पर साझा किया और कहा कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के लिए अमित शाह का अभिनंदन किया है।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आ चुके है। बिहार में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है। एनडीए ने बिहार की 243 में से 203 सीटें जीतकर प्रचंड जीत हासिल की है।
अजित पवार 15 नवंबर को महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार देने के लिए दिल्ली गए थे। उनके सहयोगी और राकांपा (NCP) सांसद प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि इसके पहले ही बिहार के विधानसभा चुनाव का परिणाम आ गया था, इसीलिए अजित पवार ने अमित शाह को बधाई देने के लिए उनसे मुलाकात की।
अमित शाह के आवास पर दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक चर्चा हुई थी। यह मुलाकात उस समय हुई जब अजित पवार के बेटे पार्थ पवार अपनी अमेडिया कंपनी द्वारा मुंढवा में किए गए जमीन खरीद के लेनदेन के कारण मुश्किलों में घिरे हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि अजित पवार ने पार्थ पवार को इस मामले से बचाने के लिए अमित शाह से मुलाकात की है।
इस जमीन लेनदेन मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक समिति नियुक्त की है। जल्द ही इस जांच समिति की रिपोर्ट आने वाला है, जिससे अजित और पार्थ पवार के समर्थकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
अजित पवार के सहयोगी और एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने गोंदिया में मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुलाकात को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। पटेल ने कहा कि उन्होंने अजित पवार से इस विषय में जानकारी ली है, और अभिनंदन करने के अलावा कोई अन्य चर्चा नहीं हुई है।
पटेल ने पार्थ पवार के जमीन विवाद पर कहा कि इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने समिति नियुक्त की है और पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब महाराष्ट्र में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव नजदीक हैं, इसलिए भी इस पर सबका ध्यान गया है।