

Ashadhi Wari MSRTC Lalpari Earnings: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान 'आषाढी वारी' न केवल भक्ति का संगम साबित हुई है, बल्कि इस बार इसने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC), जिसे आम जनता प्यार से लालपरी कहती है, की झोली भी खुशियों से भर दी है।
पंढरपुर वारी के दौरान वारकरियों की सेवा में जुटी एसटी बसों ने इस साल कमाई के पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हाल ही में इस सफलता के आधिकारिक आंकड़े साझा किए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले और सुखद हैं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस साल आषाढी यात्रा के दौरान एसटी महामंडल को कुल 41.18 करोड़ रुपये की शानदार आय हुई है। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार निगम की कमाई में 5.30 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि निजी वाहनों और अन्य विकल्पों के बावजूद, आज भी आम वारकरी के लिए एसटी बस ही भरोसे का सबसे बड़ा नाम है।
इस भक्तिमय सफर में श्रद्धालुओं की संख्या ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, वारी की पूरी अवधि के दौरान कुल 9 लाख 24 हजार 738 भाविकों ने एसटी की सेवा का लाभ उठाया। इन श्रद्धालुओं को सुरक्षित पंढरपुर पहुंचाने के लिए महामंडल ने राज्य के कोने-कोने से लगभग 5,500 विशेष बसों का नियोजन किया था।
ये बसें पुणे, मुंबई, नाशिक, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख केंद्रों से संचालित की गईं। परिवहन मंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुल 21,527 फेरे पूरे किए गए, ताकि किसी भी वारकरी को यात्रा में असुविधा न हो।
एसटी महामंडल की इस भारी कमाई के पीछे सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी बड़ा हाथ रहा है। महिलाओं के लिए बस किराए में 50% की छूट और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा ने लाखों लोगों को एसटी से सफर करने के लिए प्रेरित किया। इन सुविधाओं के कारण इस बार ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग वारी में शामिल होने पंढरपुर पहुंचे।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय एसटी के कर्मठ कर्मचारियों को दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, गले में तुलसी की माला और मुख में विट्ठल का नाम लेकर निकलने वाले लाखों वारकरियों के सफर का हिस्सा बनना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने आगे जोड़ा कि किसी श्रद्धालु को सुरक्षित पंढरपुर पहुँचाना और दर्शन के बाद उसे सकुशल घर वापस लाना हमारे लिए केवल एक व्यावसायिक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि साक्षात विट्ठल सेवा है।