कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार पर खत्म हुआ इंतजार, सोमवार को हो सकता है बड़ा फैसला; 18 नए मंत्री ले सकते हैं शपथ

DK Shivakumar Cabinet: कर्नाटक में डीके शिवकुमार सरकार के कैबिनेट विस्तार को कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी का इंतजार है। कैबिनेट विस्तार में 18 पदों को भरने की संभावना जताई जा रही है।
Wait for Karnataka cabinet expansion ends; major decision likely on Monday; 18 new ministers may take the oath.
डीके शिवकुमार (कॉन्सेप्ट फोटो- डिजाइन)
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Karnataka Cabinet Expansion News: कर्नाटक कैबिनेट विस्तार का लंबे समय से जारी इंतजार सोमवार को खत्म होने की संभावना है। कांग्रेस हाईकमान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा तैयार की गई नए मंत्रियों की सूची को कई दौर की हाई-लेवल चर्चाओं के बाद अंतिम मंजूरी दे सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट विस्तार अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि, मंत्रियों की सूची को अभी पार्टी नेतृत्व की औपचारिक मंजूरी मिलनी बाकी है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से प्रस्तावित विस्तार पर चर्चा की है, लेकिन सूची को अभी औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए 20 विधायकों की अस्थायी सूची तैयार की है। यह सूची कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी गई है, जो एक और दौर की चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेगा।

सोमवार को हो सकती है आधिकारिक घोषणा

कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के सोमवार दोपहर तक हाईकमान से मंजूर सूची लेकर बेंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है। उनके दौरे से नए मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा और शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम तय होने का रास्ता साफ हो सकता है। शपथ ग्रहण सोमवार शाम लोक भवन के ग्लास हाउस में होने की संभावना है। सरकार ने अभी आधिकारिक समय की घोषणा नहीं की है, लेकिन मुख्यमंत्री के मौखिक निर्देशों के बाद समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

18 नए मंत्री ले सकते हैं शपथ

यह विस्तार डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के ठीक दो महीने बाद हो रहा है। उनका 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल 3 जून को शपथ ले चुका है, जिसके बाद 20 मंत्री पद खाली रह गए थे। पार्टी के भीतर विचार-विमर्श और कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी की जरूरत के कारण यह विस्तार कई बार टल चुका था, लेकिन अब इसके पूरा होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि 20 खाली पदों में से 18 पदों को भरने की संभावना है, जबकि दो पद भविष्य की राजनीतिक और संगठनात्मक जरूरतों के लिए खाली रखे जा सकते हैं।

नई कैबिनेट में दिखेगा क्षेत्रीय संतुलन

विस्तार का मुख्य उद्देश्य जाति और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना बताया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व विधायकों की आकांक्षाओं को समायोजित करने के साथ-साथ उन जिलों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रहा है जिनका अभी मंत्रिमंडल में कोई मंत्री नहीं है। पार्टी सूत्रों ने आगे कहा कि इस विस्तार में बड़े पैमाने पर नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूर्व सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में शामिल रहे करीब 6 नेताओं की वापसी भी संभव है।

शिवकुमार सरकार बनने के बाद से कई विधायक मंत्री पद के लिए पैरवी कर रहे थे। ऐसे में यह विस्तार सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर क्या राजनीतिक संदेश देता है, इस पर भी नजरें टिकी हैं। कांग्रेस हाईकमान से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि शिवकुमार मंत्रिमंडल के दूसरे चरण में किसे जगह मिलती है। पार्टी नेतृत्व की औपचारिक मंजूरी मिलते ही मंत्रियों की सूची और शपथ ग्रहण के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कभी भी हो सकती है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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