लोकसभा बनाम विधानसभा: अजित पवार ने समझाया महाराष्ट्र के वोटर का गणित, क्यों बदली 5 महीने में तस्वीर?

Ajit Pawar on Owaisi: डिप्टी सीएम अजित पवार ने ओवैसी के हिजाब वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'दुकान चलाने की कोशिश' बताया। उन्होंने बयानबाजी के बजाय विकास पर ज़ोर दिया।
Dy CM Ajit Pawar reacts to Owaisi's hijab comment.
अजित पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Interview: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'एक दिन भारत में हिजाब पहनने वाली प्रधानमंत्री बनेगी' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे बयानों की गंभीरता बयान देने वाले व्यक्ति पर निर्भर करती है। आईएएनएस से बातचीत के दौरान अजित पवार ने साफ कहा कि रोज कोई न कोई इस तरह का बयान देता रहता है और हर बयान पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है।

उन्होंने कहा, "उस बयान को वही लोग गंभीरता से लें, जिनसे वह जुड़ा है। कुछ लोग सिर्फ अपनी दुकान चलाने के लिए ऐसे बयान देते हैं। मेरी साफ राय है कि इन बातों को छोड़कर विकास पर चर्चा होनी चाहिए।" इसके साथ ही अजित पवार ने मंत्री नितेश राणे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर भी स्पष्ट जवाब दिया।

महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति महाराष्ट्रीयन

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करते हैं। शिवसेना से जुड़े फैसले एकनाथ शिंदे लेते हैं और एनसीपी से जुड़े निर्णय वह स्वयं लेते हैं। अजित पवार ने कहा, "अगर हमारी तीनों पार्टियों के किसी मंत्री, सांसद या विधायक ने कोई बयान दिया है, तो यह देखा जाना चाहिए कि वह पार्टी की ओर से है या व्यक्तिगत बयान है। यह सवाल उसी व्यक्ति से पूछा जाना चाहिए। मैं इस पर टिप्पणी कैसे कर सकता हूं?"

महाराष्ट्र की सामाजिक एकता पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रहने वाला हर व्यक्ति महाराष्ट्रीयन है। हम सब एक हैं और सभी भारतीय एक हैं। इसी सोच के साथ यहां से मेयर चुना जाएगा। चुनावी राजनीति पर बात करते हुए अजित पवार ने मतदाताओं की सोच को उदाहरण के साथ समझाया। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में जनता अलग तरह से सोचती है।

लोकसभा बनाम विधानसभा

लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 में से 31 सीटें विपक्ष को मिली थीं और महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिलीं, लेकिन महज पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। महायुति को 238 सीटें मिलीं और विपक्ष 85 पर सिमट गया।

अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र का वोटर देश, राज्य और स्थानीय निकाय चुनाव तीनों में अलग-अलग मुद्दों और जरूरतों को देखकर फैसला करता है। यही लोकतंत्र की ताकत है और यही कारण है कि नेताओं को बयानबाजी से ज्यादा विकास पर ध्यान देना चाहिए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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